बागपत के ध्यानार्थ
-आरोपी तीन साल से वांछित चल रहा था
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र आउट कराकर अभ्यर्थियों को फर्जी तरीके से पास कराने के मामले में सिविल लाइन पुलिस और स्वाट टीम ने तीन साल से वांछित चल रहे आरोपी बागपत के लुहारी गांव निवासी अनुज उर्फ विवेक को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के खिलाफ मेरठ के अलावा बागपत और दिल्ली में भी धोखाधड़की प्राथमिकी दर्ज है। पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया।
सीओ सिविल लाइन विश्व ज्योति राय ने बताया कि 28 जून 2023 को एसटीएफ फील्ड यूनिट मेरठ के निरीक्षक सुनील कुमार ने सिविल लाइन थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था कि बागपत के लुहारी निवासी अनुज उर्फ विवेक अपने साथियों के साथ साजिश कर अभ्यर्थियों से मोटी रकम लेता है इसके बाद प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र आउट कराकर उन्हें हल कराने और अभ्यर्थियों को फर्जी तरीके से उत्तीर्ण कराने का काम किया जाता था। मामले में सिविल लाइन थाने में धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने, उनका इस्तेमाल करने और साजिश समेत विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
सीओ ने बताया कि आरोपी तीन वर्ष से वांछित चल रहा था। मंगलवार को सिविल लाइन पुलिस और स्वाट टीम ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक आरोपी के खिलाफ 2015 में बड़ौत थाने और 2017 में दिल्ली की चाणक्यपुरी क्राइम ब्रांच में भी धोखाधड़ी से संबंधित प्राथमिकी दर्ज है।सीओ सिविल लाइन का कहना है कि आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।