थाने में हंगामा करती महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
हत्यारे अय्यूब ने पूछताछ में बताया कि उसने पुलिस को गुमराह करने को बच्ची का शव मकान की दीवार के पास डाल दिया था, ताकि पुलिस को ऐसा लगे कि उसकी मौत आंधी में मकान की छत से नीचे गिरने से हुई है। क्योंकि बच्ची के मकान की दीवार खाली पड़े प्लाट से मिली हुई है। बच्ची की जिस ईंट से हत्या की गई थी। खून से सनी वह ईंट पुलिस को जांच पड़ताल करने पर शव से काफी दूर पड़ी मिली थी।
हत्यारोपी ने बच्ची को लालीपॉप दिलाया
हत्यारोपी अय्यूब रास्ते में जाते समय बच्ची को गोद में उठाकर मोहल्ले के लोगों की नजरों से बचते हुए एक दुकान पर पहुंचा। दुकान से उसने मासूम को अपने पैसों से लालीपॉप दिलवाया था। प्लाट के पास बच्ची गोद में लेकर जाते समय मोहल्ले के दो तीन युवकों ने अय्यूब को देख भी लिया था। मोहल्ले में युवकों से पूछताछ करने पर अय्यूब पर पुलिस को शक हो गया। पुलिस उसकी तलाश में लग गई थी।
खून के धब्बे मिटाने को कपड़े भी धोए
सीओ डॉ. राजीव कुमार सिंह ने बताया कि हत्या करते वक्त अय्यूब के कपड़ों पर खून के धब्बे लग गए थे। उसने घटना वाली रात को घर पहुंचकर अपने कपड़े उतारे और उनको छुपाकर रख दिया था। शनिवार को अय्यूब ने खून के धब्बे मिटाने को अपने कपड़े खुद धोए। धोने के बाद भी खून के धब्बे नहीं छूट सके थे, इसलिए वह रविवार दोपहर को कपड़ों को गंगनहर में फेंकने जा रहा था। रास्ते में पुलिस ने कपड़ों समेत पकड़ लिया।
पुलिस टीम को दस हजार का इनाम
एसएसपी अनंत देव तिवारी ने मासूम बच्ची के हत्यारोपी को पकड़ने वाली टीम पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। हत्यारोपी को पकड़ने वाली पुलिस टीम में शामिल इंस्पेक्टर एपी भारद्वाज, एसएसआई योगेंद्र पंवार, एसआई सुनील शर्मा, एसआई केपी सिंह, कांस्टेबिल रोहित कुमार, सोहनवीर सिंह व प्रमोद कुमार को एसएसपी ने दस हजार का इनाम देने की घोषण की है।
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