एंटी करप्शन की टीम ने शुक्रवार दोपहर आवास विकास के अकाउंटेंट को रिश्वत लेते दबोच लिया। अधिकारियों ने एंटी करप्शन की टीम से आरोपी की वकालत की, लेकिन टीम ने एक न सुनी।
मेडिकल पुलिस ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
मेडिकल थाना क्षेत्र के जागृति विहार सेक्टर तीन निवासी जितेंद्र शर्मा का मेंटीनेंस का काम है। उन पर आवास विकास का बैलेंस बकाया है। कुछ समय पूर्व विभाग ने मकान मालिक को 3.11 लाख रुपये का नोटिस भेजा।
मकान मालिक ने एक मुश्त योजना के अंतर्गत पीएनबी शास्त्रीनगर में ओटीएस फार्म भरते हुए 5105 रुपये जमा कर दिए। इसके बाद जितेंद्र आवास विकास के कार्यालय में संपत्ति अधिकारी के पास पहुंचा और अपने मकान की समस्या बताई।
इस बीच एक अधिकारी ने मकान मालिक को अकाउंटेंट फूल सिंह के पास भेज दिया। अकाउंटेंट ने मकान मालिक को ओटीएस में छूट दिलवाने की बात कही। इसके लिए 20 हजार रुपये की मांग की। दोनों में 12 हजार में सहमति बन गई। बृहस्पतिवार को जितेंद्र ने रिश्वत मांगने की जानकारी एंटी करप्शन टीम को दी।
शुक्रवार को जागृति विहार सेक्टर 3 स्थित कम्यूनिटी सेंटर में आवास विकास के अधिकारी फ्लैट का आवंटन कर रहे थे। इसमें अकाउंटेंट फूल सिंह भी था। जितेंद्र ने कम्यूनिटी सेंटर के पास से अकाउंटेंट को फोन किया और अपने पास बुलाया। फूल सिंह ने रिश्वत के नाम पर 10 हजार रुपये ले लिए।
जितेंद्र ने दो हजार रुपये काम करने के बाद देने को कहा। रिश्वत लेते ही एंटी करप्शन के प्रभारी निरीक्षक अशोक राणा ने फूल सिंह को दबोच लिया और उसे मेडिकल थाने ले गए।
थाने में अधिकारियों का लगा जमावड़ा
अकाउंटेंट के पकड़ने जाने की खबर लगते ही आवास विकास के अधिकारी मेडिकल थाने पहुंच गए। उन्होंने तमाम दलील दी और अकाउंटेंट को छोड़ने की गुहार लगाई, लेकिन उनकी एक न सुनी गई।