- आर्य समाज थापर नगर में हुआ सत्संग का आयोजन
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। आर्य समाज थापरनगर में कैसी है हमारी अयोध्या विषय पर सत्संग का आयोजन किया गया। इसमें समाज के प्रधान राजेश सेठी ने मानव शरीर के आध्यात्मिक महत्व को विस्तार से समझाया। उन्होंने कहा कि अयोध्या का स्मरण करते ही मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की नगरी का ध्यान आता है लेकिन वेदों के अनुसार मानव शरीर को भी अयोध्या कहा गया है।
राजेश सेठी ने अथर्ववेद के मंत्र में अयोध्या का उल्लेख किया। अयोध्या का अर्थ है जो कभी पराजित न हो और जिस पर कोई अधिकार न कर सके। इसी संदर्भ में मानव शरीर को देवताओं का निवास स्थान बताया गया है। उन्होंने कहा कि सृष्टि के प्रारंभ में देवताओं ने परमात्मा से निवास स्थान मांगा और श्रेष्ठ होने के कारण मानव शरीर को चुना। उन्होंने बताया कि शरीर में विभिन्न देव शक्तियों का वास है। जैसे नेत्रों में आदित्य, नासिका में प्राणवायु, वाणी में अग्नि, मन में चंद्रमा आदि।
प्रवचन में मानव शरीर के आठ चक्र मूलाधार, स्वाधिष्ठान, मणिपुर, अनाहत, विशुद्ध, आज्ञा, ललाट आदि का भी वर्णन किया गया। राजेश सेठी ने कहा कि साधना व प्राणायाम के माध्यम से आत्मोन्नति संभव है। उन्होंने कहा कि मानव जीवन ही मोक्ष प्राप्ति का साधन है। अष्टांग योग में यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान आते हैं। समाधि के माध्यम से परमात्मा का साक्षात्कार किया जा सकता है। विषयों में आसक्ति से दूर रहकर साधना करने का संदेश भी दिया।
कार्यक्रम में सुभाष मल्होत्रा, ऋचा सेठी, सुमन आनंद, विदुला सोनी, अपर्णा अग्रवाल और रंजना राष्ट्रवादी ने भजन प्रस्तुत किए। आचार्य सत्य प्रकाश शास्त्री के सान्निध्य में देवयज्ञ संपन्न हुआ। इसमें विमल मरवाह यजमान रहे। इस अवसर पर राजन खन्ना, करुणा सागर बाली, भानु बत्रा, कमलेश चांदना, अजय गुप्ता, कृष्ण कुमार वर्मा, आशीष सेठी, विकास शर्मा, ज्योति बत्रा, चांद ग्रोवर, आनंद वर्धन झा और अशोक आनंद सहित अन्य मौजूद रहे।