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अब सीधे एटीएम खाली कर रहे बदमाश

Sun, 06 Nov 2016 02:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरों
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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 बैंकों के एटीएम भी अब सेफ नहीं रह गए हैं। साइबर अपराधियों ने ऐसा फर्जी एटीएम कार्ड बना लिया है, जिसे लगाते ही एटीएम पैसे उगलने लगता है। खास बात यह कि इससे किसी के पर्सनल एकाउंट को नहीं, बल्कि सीधे बैंक को चपत लग रही है। शहर में इस तरह का पहला मामला पकड़ में आया है। इसके बाद बैंकों और एटीएम में कैश लोड करने वाली कंपनियों में हड़कंप मचा है। यह कारनामा करने वाले दो बदमाश एटीएम बूथ में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गए हैं। पुलिस इनकी तलाश में लगी है।
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मामला गढ़ रोड स्थित राधा गोविंद इंजीनियरिंग कॉलेज के पास स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के एटीएम का है। एक युवक अलग-अलग फर्जी कार्ड लगाकर एटीएम से करीब तीन लाख रुपये निकाल ले गया। पुलिस के मुताबिक, बैंक और कैश लोड करने वाली कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि यह पैसा किसी के पर्सनल एकाउंट से नहीं, बल्कि फर्जी कार्ड के जरिये एटीएम का पैसा निकला है। इस मामले में एटीएम में कैश लोड करने वाली कंपनी के मैनेजर की शिकायत पर साइबर सेल में मुकदमा दर्ज कराया गया है। पुलिस ने जांच के दौरान एटीएम बूथ में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगाली। इसमें पता चला कि एक व्यक्ति बदल-बदलकर कार्ड लगाता रहा और एटीएम पैसे उगलता रहा। एटीएम कंपनियों के अधिकारियों का कहना है कि मेरठ में साइबर अपराधियों का गिरोह है, जिसने एटीएम की हाई सिक्योरिटी में भी सेंधमारी कर दी है। इसे लेकर कंपनी के एक्सपर्ट्स में भी खलबली मची है।

दो बदमाश सीसीटीवी कैमरे में कैद
साइबर सेल प्रभारी कर्मवीर सिंह ने बताया कि गढ़ रोड स्थित एसबीआई और जीआईसी के सामने यूनियन बैंक के एटीएम बूथ पर लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले। फुटेज में दोनों जगह से अलग-अलग दो बदमाश कैद हुये हैं। दोनों बदमाशों के चेहरे कैमरे में साफ नजर आ रहे हैं। इसके बाद पुलिस मान रही है कि मेरठ में साइबर अपराधियों का बड़ा गिरोह है, जिनकी तलाश की जा रही है। दोनों बदमाशों के फोटो वायरल किए गए हैं, ताकि कोई उनकी पहचान करके बताए।
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एक माह में निकले 1.37 करोड़
साइबर अपराध के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। जिले में अमूमन हर दिन खाते से पैसे निकालने की दो से तीन रिपोर्ट दर्ज हो रही हैं। पुलिस के मुताबिक, अक्तूबर माह में 1.37 लाख रुपये लोगों के खाते से निकले हैं। हालांकि, कुछ पैसा तो साइबर सेल ने लोगों के एकाउंट में वापस भी करा लिया है। लेकिन, रोजाना साइबर क्राइम के अलग-अलग मामले आने से पुलिस के साइबर एक्सपर्ट टीम भी हैरान हैं। पुलिस अफसर कहते हैं कि अब के हालात में पुलिसकर्मी को साइबर का ज्ञान होना जरूरी है। अन्यथा अपराधी को पकड़ना मुश्किल हो जाएगा।

अमेरिका से भी आ चुकी शिकायत
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा परोर निवासी रितु डोगरा अमेरिका में एक कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। रितु का एक एकाउंट दिल्ली में है। उन्होंने ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई है कि उनके खाते से मेरठ में बेगमब्रिज रोड स्थित जीआईसी के पास यूनियन बैंक के एटीएम से पैसा निकला है। मेरठ साइबर सेल ने जांच की तो मामला सही मिला। एक युवक ने एटीएम से पैसा निकाला है। वह भी सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया है।

इन बातों का रखें ख्याल
- अकाउंट से संबंधित जानकारी फोन पर किसी से शेयर न करें।
- एटीएम से पैसा निकालते समय ध्यान रखें कि कोई कैमरा ऐसा न लगा हो, जिसमें पासवर्ड देखा जा सका।
- प्वाइंट ऑफ सेल यानी कार्ड से शॉपिंग के दौरान भी ध्यान रखें कि आपका पासवर्ड चोरी न होने पाए।
- एटीएम कार्ड किसी अनजान व्यक्ति को न दें अन्यथा वह कार्ड बदलकर पैसा निकाल सकता है।
- एटीएम बूथ के अंदर एक से अधिक व्यक्ति होने पर उसे बाहर जाने को कहें या सिक्योरिटी से शिकायत करें।

अगर पैसा निकल जाए तो ये करें
अगर आपके खाते से पैसा निकल जाता है कि आप तुरंत बैंक जाएं या बैंक के कस्टमर केयर को फोन करें। एटीएम कार्ड को ब्लॉक कराएं और बैंक की पासबुक अपडेट कराएं। उसके बाद तुरंत पुलिस के साइबर सेल के सीयूजी नंबर 7839855538 या 0121-2668090 पर प्राथमिक शिकायत करें। तत्काल शिकायत मिलने पर साइबर सेल आपका पैसा वापस दिलाने में मददगार साबित हो सकती है।
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