हादसों में लोगों की मौत का ग्राफ बढ़ते देखकर डायल 100 ने अच्छी शुरूआत की है। अब डायल 100 की गाड़ी एक्सीडेंट में घायल लोगों को अस्पताल भी पहुंचाएगी। गाड़ी में प्लास्टिक सीट और पालीथिन की व्यवस्था होगी। सहारनपुर में डायल 100 द्वारा शर्मसार करने वाली घटना के बाद यह निर्णय लेना बताया गया है।
लखनऊ डायल 100 एडिशनल एसपी राजेश कुमार में बृहस्पतिवार को पुलिस लाइन में बैठक की। एएसपी ने करीब 20 गाड़ियों मेें लगे उपकरण और साफ सफाई देखी। एएसपी ने सहारनपुर में हादसे में दो घायल किशोरों को अस्पताल न पहुंचने के कारण मौत होने वाले मामले का उदाहरण देते कहा कि ऐसी घटना किसी भी जनपद में नहीं होनी चाहिए। इसको देखते डायल 100 गाड़ी में प्लास्टिक की एक सीट व पालीथिन लगाई जाएगी। जिससे हादसों में घायल व्यक्ति को डायल 100 अस्पताल पहुंचा सके। हादसे में घायलों को अस्पताल में भर्ती कराने का रिकॉर्ड भी पुलिस को दर्ज कराना होगा। ड्यूटी के दौरान पुलिस वाले नदारद मिले तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
वसूली की शिकायत आई तो नपेंगे
सीओ ट्रैफिक संजीव देशवाल ने बताया कि डायल 100 की दो तरह की शिकायत आती हैं। पहली वसूली व अभद्र व्यवहार और दूसरी पुलिस वालों की आपसी शिकायतें। एएसपी ने बताया कि हमको वसूली और अभद्र व्यवहार वाली शिकायतें नहीं मिलनी चाहिए। अगर ऐसी शिकायत मिलीं तो पुलिस वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।
शव भी पोस्टमार्टम तक पहुंचाएं
बैठक में शामिल सीओ ट्रैफिक संजीव देशवाल और डायल 100 में तैनात इंस्पेक्टर विजय कुमार से एएसपी ने कहा कि डायल 100 हादसे में मरने वाले लोगों का शव भी पोस्टमार्टम पर पहुंचा सकती है। कानून व्यवस्था को देखते हुए पुलिस इन गाड़ियों का प्रयोग करे।
रेस्पांस टाइम 10 मिनट करो
डायल 100 का रेस्पांस टाइम अप्रैल महीने में 14 मिनट था। मई का अभी तक का 12 मिनट है। एएसपी ने कहा कि इसको घटाकर 10 मिनट रेस्पांस होना चाहिए। हालांकि पुलिस का कहना कि यूपी में मेरठ का रेस्पांस में दूसरा नंबर है। गाड़ियां भी साफ हैं।
65 गाड़ियां मिलीं थीं
सपा सरकार में करीब दो साल पहले डायल 100 की मेरठ जनपद को 65 गाड़ियां मिलीं थीं। इसमें करीब 52 गाड़ियां वर्तमान में जनपद में चल रही हैं। डायल 100 का रेस्पांस देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने बाइक मंगवाई।
सहारनपुर में शर्मसार किया था
पांच माह पहले सहारनपुर में डायल 100 ने पुलिस को शर्मसार कर दिया था। बाइक पर सवार दो किशोर अर्पित खुराना और सन्नी सेतिया विहार सहारनपुर एक्सीडेंट में घायल हुए थे। हादसे की खबर पर डायल 100 की गाड़ी पहुंची थी। डायल 100 में तैनात पुलिस वालों ने दोनों घायलों को इसलिए अस्पताल नहीं पहुंचाया था कि कहीं उनकी गाड़ी गंदी न हो जाए। दोनो किशोरों को समय से इलाज नहीं मिलने के कारण उनकी मौत हो गई। इसको लेकर पुलिस की काफी किरकिरी हुई थी। एसएसपी सहारनपुर ने दोनों सिपाहियों को बर्खास्त कर दिया था।