बैंकिंग समेत हर क्षेत्र में जरूरी हो चुके आपके आधार कार्ड में दर्ज बायोमैट्रिक डाटा को अब सुरक्षित रखने की बारी है। आपका यह गोपनीय डाटा चोरी न हो, इसके लिए आप चाहें तो इसे यूआईडीएआई की वेबसाइट पर जाकर इसे लॉक कर सकते हैं। इसका सबसे बड़ा फायदा यही होगा कि कोई आपके नाम पर ठगी या आपराधिक वारदात नहीं कर पाएगा।
दरअसल सरकार द्वारा आपका आधार तैयार करने के लिए आपकी तमाम व्यक्तिगत जानकारियों के साथ ही आपके फिंगरप्रिंट और फोटो के अलावा आपके रेटिना को स्कैन किया जाता है। यानी आप सरकार के साथ अपनी गोपनीय जानकारियां साझा करते हैं। ऐसे में किसी भी सरकारी योजना का लाभ लेने के लिए जहां आपके आधार को आपके रसोई गैस कनेक्शन से लेकर बैंक खाते से लिंकअप कर दिया गया तो जल्द ही एटीएम से पैसा निकालने के लिए आपके थंब इंप्रेशन (अंगूठे की छाप) का प्रयोग होगा। वैसे भी मोबाइल फोन का सिम कार्ड खरीदने के लिए भी आपसे इसी आधार कार्ड की फोटो कॉपी मांगी जाती है। इसलिए समझा जा सकता है कि यदि आपके आधार की यही जानकारियां गलत हाथों में पहुंच जाएं तो आपके लिए परेशानी पैदा हो सकती है।
लॉक करना इसलिए जरूरी
टेलीकॉम कंपनियां अब सिम कार्ड देने के लिए आपके आधार की फोटो कॉपी लेती हैं तो उसे यूआईडीएआई की वेबसाइट पर जाकर आपके बायोमैट्रिक डाटा की जांच करती है। ऐसी स्थिति में आप अपना डाटा किसी दूसरे के साथ साझा कर रहे होते हैं, तो आपके डाटा का दुरुपयोग होने की संभावना बढ़ जाती है। जिसे देखते हुए अब आधार का डाटा लॉक व अनलॉक करने की सुविधा दी गई है। इससे आपकी मर्जी के बिना कोई भी उसे वेरीफाई नहीं कर पाएगा। क्योंकि हर वार वेरीफाई करने से पहले आपके मोबाइल नंबर पर ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) आएगा, जिसको डालने पर ही कोई दूसरा व्यक्ति वेरीफिकेशन कर पाएगा।
हर ट्रांजैक्शन ओटीपी के जरिये
अगर आप वेबसाइट पर जाकर अपना डाटा एक बार लॉक कर सकते हैं, तो उसके बाद आधार पर आधारित हर तरह का ट्रांजैक्शन ओटीपी बेस होगा। ट्रांजैक्शन और वेरीफिकेशन की स्थिति में हर बार ओटीपी जनरेट होगा। जो आधार में पंजीकृत मोबाइल नंबर पर जाएगा। उसी ओटीपी को डालकर ट्रांजैक्शन कर पाएंगे।
ऐसे करें डाटा लॉक
- यूआईडीआई की वेबसाइट पर जाएं
- वेबसाइट के होमपेज पर लॉक/अनलॉक बायोमेट्रिक ऑप्शन पर क्लिक करें
- बॉक्स में आधार के 12 नंबर दर्ज करें
- उसके बाद नीचे दिख रहे सिक्योरिटी कोड को अगले बॉक्स में लिखें
- कोड नंबर डालने के बाद जनरेट ओटीपी प्वाइंट पर क्लिक करें
- उसके बाद मोबाइल फोन पर प्राप्त ओटीपी नंबर को अगले बॉक्स में डालें
- वेरीफाई ऑप्शन पर क्लिक करें
- उसके बाद इनेबल बायोमैट्रिक लॉकिंग को चैक करें
- इनेबल बायोमैट्रिक लॉकिंग को चैक करने के बाद इनेबल को क्लिक करें
- अब अगर आप लॉक डिसेबल करना चाहते हैं तो ऐसी कंडीशन में इनेबल बायोमैट्रिक लॉकिंग को अनचैक कर दें। उसके बाद फिर डिसेबल कर दें।