आत्महत्या के मामले में आरोपी को 10 साल का कारावास
मेरठ। न्यायालय अपर जिला जज (कोर्ट संख्या 17) विजय कुमार द्वितीय ने आत्महत्या के मामले में आरोपी शादाब निवासी लावड़ मेरठ को दोषी पाते हुए 10 साल के कठोर कारावास और एक लाख रुपये के जुर्माने से दंडित किया।
एडीजीसी क्रिमिनल मुकेश कुमार मित्तल ने बताया कि वादी वीरू गुप्ता ने थाना इंचौली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें कहा गया था कि बेटी प्रेरणा की शादी आठ मार्च 2018 को खिर्वा गांव निवासी सौरभ राजवंशी के साथ तय हुई थी। वादी दिव्यांग है। इसीलिए उसने कामकाज के लिए गांव के निवासी शादाब को अपने साथ ही रख लिया। आरोपी काम करने के बाद बेटी के आपत्तिजनक फ़ोटो खींच लेता था और उन फ़ोटो को दिखाकर उससे अवैध संबंध बनाने को कहता था।
वीरू गुप्ता के मुताबिक बेटी ने इससे इनकार किया तो आरोपी ने उसके फोटो सौरभ को भेज दिए। इसके चलते उसका रिश्ता टूट गया और परेशान बेटी ने आत्महत्या कर ली।
ने मना कर दिया। इसके बाद आरोपी ने वादी की लड़की के फोटो सौरभ को भेज दिए। जिस वजह से उसका रिश्ता टूट गया, और वादी की लड़की ने इसके चलते आत्महत्या कर ली। इस मामले में पेश गवाहों और तथ्यों के आधार पर शादाब को दोषी माना और उसे 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही एक लाख रुपये जुर्माने के आदेश दिए गए।