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आस्था हत्याकांड: जिसने जन्म दिया उसी ने ली जान, बेटी के सीने पर बैठकर दस मिनट तक गला दबाती रही मां!

Sat, 07 Jun 2025 11:57 AM IST
डिंपल सिरोही न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

मेरठ में छात्रा आस्था उर्फ तनिष्का की हत्या का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। मां और नाबालिग भाई ने मिलकर हत्या की, जबकि ममेरे-मौसेरे भाइयों ने शव के टुकड़े किए। गंग नहर में सिर की तलाश जारी है।

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मेरठ में आस्था हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दिन बुधवार, दोपहर करीब एक बजे की बात है। दादरी की रहने वाली 17 वर्षीय छात्रा आस्था उर्फ तनिष्का अपने दोस्त से फोन पर बात कर रही थी। तभी मां राकेश देवी ने उसका मोबाइल छीन लिया।

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इसी बात पर मां-बेटी के बीच कहासुनी शुरू हुई, जो हाथापाई में बदल गई। इस दौरान मां ने अपने नाबालिग बेटे के साथ मिलकर आस्था का गला दबा दिया। मां ने पुलिस के सामने बेटी की हत्या की सच्चाई कबूली और बताया कि व दस मिनट तक बेटी के सीने पर बैठी रही। उसने तब तकआस्था के गले से अपने हाथ नहीं हटाए जब तक उसकी मौत नहीं हो गई।

जांच करती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
हत्या के बाद मां राकेश देवी ने अपने मायके पक्ष को सूचना दी। इसके बाद महरौली गांव निवासी ममेरे भाई मंजीत उर्फ मोनू और मौसेरा भाई गौरव मौके पर पहुंचे। चारों ने मिलकर हत्या को छिपाने की साजिश रची।

मोनू और गौरव ने धारदार हथियार से आस्था का सिर काटा। फिर कार से शव को मेरठ लाकर धड़ को बहादरपुर के रजवाहे में और सिर को जानी क्षेत्र की गंग नहर में फेंक दिया गया।

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आस्था हत्याकांड, मेरठ आस्था हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
शव की जेब से मिले मोबाइल नंबर ने खोला राज
जब पुलिस को आस्था का सिर कटा शव मिला, तो उसकी जेब से एक मोबाइल नंबर मिला। पुलिस ने उस नंबर से युवक तक पहुंच बनाई, जिसने शव को देखकर उसकी पहचान आस्था उर्फ तनिष्का के रूप में की।

आस्था हत्याकांड, मेरठ आस्था हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
इसके बाद पुलिस ने मां, नाबालिग भाई और दोनों भाइयों को उठाकर पूछताछ शुरू की। मंजीत उर्फ मोनू की निशानदेही पर पुलिस देर रात तक गंग नहर में सिर की तलाश करती रही, लेकिन सफलता नहीं मिली।
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आस्था हत्याकांड, मेरठ आस्था हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
28 मई से था विवाद, दोस्त से बात बना वजह
परिवार को आस्था की दोस्ती मंज़ूर नहीं थी। 28 मई को उसका दोस्त घर आया था, जिसे छोटे भाई ने देख लिया। इसके बाद घर में लगातार विवाद हो रहा था। बुधवार को जब मां ने फिर उसे दोस्त से फोन पर बात करते देखा, तो वारदात को अंजाम दे दिया गया।
 
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