राजनीतिक सूत्रों का कहना है कि चंद्रशेखर के प्रति दलित वर्ग के युवाओं के झुकाव को देखते हुए बसपा को इसका नुकसान उठाना पड़ सकता है। वहीं, चंद्रशेखर आजाद पहले से ही मुस्लिमों में पैठ बनाने में लगे हैं। सीएए के समर्थन में जेल जाना भी उनके पक्ष में जा रहा है।
इस कड़ी में युवा सेवा समिति के अध्यक्ष बदर अली ने भी अपने पांच पार्षद अकरम शाह, शहजाद मेवाती, मोहम्मद इरफान, फैजी और मोहम्मद के अतिरिक्त समर्थकों के साथ पार्टी की सदस्यता ली। बदर अली ने बताया कि पार्टी जल्द ही संगठन तैयार कर पंचायत चुनाव में उतरने की तैयारी करेगी। पंचायत चुनाव पूरे जोर शोर से लड़ा जाएगा।
बड़ी संख्या में शामिल हुए पूर्व बसपाई
आसपा में मेरठ से भी बड़ी संख्या में बसपा में रहे नेता शामिल हुए। इसमें पूर्व बसपा मंडल प्रभारी हाजी सबील, पूर्व बसपा नेता तौफीक इलाही, नूर इलाही, पूर्व पश्चिमी यूपी प्रभारी बामसेफ बाबू अतर सिंह, डॉ. राजेंद्र गौतम, ओमप्रकाश, ओमपाल खादर, ब्रह्मदास, इंद्रजीत प्रजापति, लोकेश चंद्र खटीक, प्रेम कुशवाहा, चतर सिंह जाटव, डॉ. सतीश कुमार, डॉ. गीता, नईम सागर, रेहान खान, शमशाद माहीगीर, एमएस चौधरी आदि हैं।