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आस मोहम्मद का शव चचेरे भाई के घर में रख परिजन ने तीन घंटे किया हंगामा

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मेरठ/परीक्षितगढ़। कंकरखेड़ा क्षेत्र के गांव सिंघावली में सोमवार सुबह आस मोहम्मद उर्फ आसु का शव चचेरे भाई मोहसिन के घर में रख परिजनों ने जमकर हंगामा किया। उन्होंने मोहसिन पर भी हत्या में शामिल होने का आरोप लगाया। करीब तीन घंटे हंगामे के बाद पुलिस ने निष्पक्ष जांच का आश्वासन देकर परिजनों को शांत किया। इस मामले में गिरफ्तार तीन आरोपियों को जेल भेज दिया गया। अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।
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थाना कंकरखेड़ा के गांव सिंघावली निवासी आस मोहम्मद टाइल लगाने का काम करता था। 18 जुलाई को वह चचेरे भाई मोहसिन के साथ परीक्षितगढ़ की नागर कॉलोनी स्थित एक मकान में टाइल लगाने पहुंचा था। शाम को घर न पहुंचने पर परिजन दोनों की तलाश में लग गए। आस मोहम्मद के भाई अनीस ने थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। शनिवार को मोहसिन किसी तरह बंधनमुक्त होकर घर पहुंचा। उसने बताया कि परीक्षितगढ़ में आसिफ, साबिर, रिहान उर्फ गोलू निवासी गांव गेसूपुर थाना किठौर और सरधना थाना के गांव मैनापूठी निवासी जान मोहम्मद, जाकिर और एक अज्ञात ने दोनों को नशीला पदार्थ पिला दिया था। इससे दोनों बेसुध हो गए।
आरोपियों ने दोनों के हाथ-पैर बांधकर जंगल में अलग स्थान पर फेंक दिया था। वह किसी तरह आरोपियों से बचकर निकल भागा। इस पर पुलिस ने आसिफ, साबिर और रिहान को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों ने जान मोहम्मद और जाकिर के साथ मिलकर आस मोहम्मद की रस्सी से गला दबाकर हत्या करने के बाद शव गंगनहर में फेंकना स्वीकार किया। पुलिस ने आस मोहम्मद का शव गंगनहर से बरामद कर लिया था। पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उनकी मोहसिन से रुपये वसूलने की योजना थी। इसलिए आस मोहम्मद की हत्या कर दी। इस बीच मोहसिन किसी तरह बंधनमुक्त होकर निकल गया।
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सोमवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद आस मोहम्मद का शव सिंघावली गांव पहुंचा। परिजनों ने शव मोहसिन के घर ले जाकर रखकर हंगामा किया। एसपी देहात राकेश कुमार मिश्रा ने बताया कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। इसमें जिसकी भी भूमिका पाई जाएगी, उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।
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