मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय परिसर में 2025-26 से बीए और बीएससी पाठ्यक्रमों के लिए नया पाठ्यक्रम लागू कर दिया है। ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (एनसीटीई) के अंतर्गत आने के बाद एनईपी 2020 के अनुरूप दोनों कोर्स के लिए पाठ्यक्रम तैयार किया गया है। दोनों ही पाठ्यक्रमों में विद्यार्थियों को ऑनर्स विद रिसर्च चुनने का मौका मिलेगा। इसमें एक वर्ष पूरा करने पर सर्टिफिकेट, दो वर्ष में डिप्लोमा और तीन वर्ष पूरे करने पर डिग्री मिलेगी। चौथे वर्ष में रिसर्च आदि की पढ़ाई कराई जाएगी। बैचलर ऑफ कंप्यूटर साइंस की बात करें तो एआई की ओर से तेजी से बढ़ती हुई दुनिया में प्रोफेशनल्स की मांग भी बढ़ रही है, इसलिए बीसीए के सातवें सेमेस्टर में छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, डाटा साइंस जैसे विषयों में विशेषज्ञता करने का मौका मिलेगा।
एक लाख भी नहीं पहुंची पंजीकरण की संख्या
सीसीएसयू परिसर व उससे संबंधित कॉलेजों में यूजी और पीजी पाठ्यक्रमों के लिए पंजीकरण प्रक्रिया चल रही है। यूजी पाठ्यक्रम में 25 जुलाई तक पंजीकरण होंगे। अभी तक यूजी पाठ्यक्रमों में एक लाख पंजीकरण भी नहीं हो सके हैं। सीसीएसयू परिसर और उससे संबंधित कॉलेजों के विभिन्न पाठ्यक्रमों में 1,589 सीटों के सापेक्ष अभी तक 5,236 पंजीकरण ही हो सके हैं। सीसीएसयू परिसर के पाठ्यक्रमों की बात करें तो उसमें सबसे कम पंजीकरण बीए उर्दू 30 सीटों पर 15 पंजीकरण, बीएससी होम साइंस 30 में 14, बीए संस्कृत ऑनर्स 30 में 8, बेचलर ऑफ फैशन डिजाइन ऑनर्स 30 में 21, डिप्लोमा इन इंडियन फोक आर्ट 11 सीट पर 2, लाइब्रेरी साइंस 33 में से 19 पंजीकरण हो सके हैं।
कांवड़ यात्रा के चलते सीसीएसयू ने पंजीकरण की तिथि बढ़ाकर 25 जुलाई कर दी है। विवि 30 जुलाई तक स्नातक की पहली मेरिट जारी कर सकता है। अब तक हुए पंजीकरण में कैंपस में यूजी ऑनर्स और एडेड-राजकीय कॉलेजों में ट्रेडिशनल कोर्स में सीटों के सापेक्ष दो से तीन गुना तक पंजीकरण हुए हैं, हालांकि निजी कॉलेजों की स्थिति खराब है।