स्मार्ट सिटी के लिए एक बार फिर समय से पहले मेरठ को कॉल कर लिया गया। 25 जून तक का समय दिया गया था कि मेरठ की डीपीआर के प्रस्ताव का प्रजेंटेशन किया जाए, लेकिन अचानक शासन से फैक्स आया कि बैठक 24 जून को ही है। ऐेसे में आनन-फानन में महापौर तथा नगरायुक्त आदि अधिकारियों को लखनऊ दौड़ना होगा।
मेरठ को स्मार्ट सिटी के रूप में शामिल कराने के लिए कड़ी मशक्कत चल रही है। इसके लिए शहरभर में वोटिंग अभियान चल रहा है। इसके लिए कंसलटेंट एजेंसी काम कर रही है। लोग ज्यादा से ज्यादा वोट भी कर रहे हैं। दरअसल इसके लिए 30 जून को केंद्र सरकार के सामने पूरा प्रस्ताव रखना है। डीपीआर तैयार होनी है तो केंद्र सरकार के सामने इसका पूरा ब्यौरा पेश करना है। जितना मजबूत प्रस्ताव बनेगा मेरठ की राह उतनी ही आसान होगी।
इससे पहले 25 जून को प्रदेश सरकार को इसकी समीक्षा बैठक करनी थी। इस बैठक में यह देखना था कि किस शहर ने कितनी तैयारी की है। मेरठ की टीम भी 25 को लेकर ही तैयारी कर रही थी। यह बैठक मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित राज्य स्तरीय उच्चाधिकार संचालन समिति के तत्वावधान में आयोजित होनी थी।
अचानक आया बुलावा
बृहस्पतिवार को अचानक शासन से फैक्स आ गया कि अब बैठक 25 की बजाय 24 जून को है। इससे यहां के अधिकारियों की तैयारियों को करारा झटका लगा है। उप्र शासन के विशेष कार्याधिकारी उमाशंकर सिंह ने इस बाबत पत्र भेजा है। कहा है कि स्मार्ट सिटी मिशन राउंड टू के अंतर्गत संचालन समिति की बैठक 24 जून को लखनऊ लाल बहादुर स्थित भवन में रखी गई है। इसमें मेरठ के महापौर तथा नगरायुक्त को बुलाया गया है। कहा गया है कि आप इस समिति केसदस्य हैं तो इसमें शिरकत करें।
आधे घंटे में 13 शहरों की समीक्षा
हैरत की बात यह है कि इस बैठक का समय शुक्रवार शाम 5 बजकर 45 बजे से 6 बजकर 15 मिनट तक रखा गया है। बैठक में कानपुर, वाराणसी, आगरा, इलाहाबाद, मुरादाबाद, अलीगढ़, सहारनपुर, बरेली, झांसी, गाजियाबाद तथा मेरठ को बुलाया गया है। रामपुर तथा रायबरेली की भी समीक्षा है। ऐसे में 13 शहरों के प्रस्ताव की समीक्षा भला आधे घंटे में कैसे होगी। एक शहर के हिस्से में दो मिनट का भी समय नहीं आ पा रहा है। मेरठ की बात करें तो यहां तैयारियों को एक दिन और कम रह गया है। पहले टीम 25 तक पूरा प्रस्ताव रही थी पर अब बृहस्पतिवार को ही प्रस्ताव तैयार कर लखनऊ निकलेंगे।
रामपुर तथा रायबरेली को स्पेशल ट्रीटमेंट
बैठक में जहां अन्य शहरों के महापौर बुलाए गए हैं वहीं रायबरेली और रामपुर नगर पालिका होने के कारण वहां के अध्यक्ष और अधिशासी अधिकारी को बुलाया गया है। इसके अलावा इन दोनों जिलों के मुख्य विकास अधिकारियों को विशेष आमंत्रित सदस्य बनाते हुए बैठक में बुलाया गया है। भारत सरकार शहरी विकास मंत्रालय के नुमाइंदे भी बैठक में मौजूद रहेंगे।
28 तक का मांगेगे समय
महापौर का कहना है कि वह बैठक में अपना पक्ष रखेंगे। चूंकि केंद्र सरकार ने 30 जून तक का समय बैठक को दिया है तो प्रदेश सरकार से कहा जाएगा कि वह भी 28 जून तक का समय दे। तीन दिन और दिए जाएं। एक दिन पहले बुलाकर वैसे ही एक दिन कम कर दिया गया है। ऐसे में तीन दिन और मांगे जाएंगे। यदि नहीं दिए तो विरोध होगा।
वोटिंग रहेगी जारी
भले ही बैठक 25 की बजाय 24 जून को होगी पर स्मार्ट सिटी के लिए वोटिंग जारी रहेगी। महापौर हरिकांत अहलूवालिया के मुताबिक वोटिंग जारी रखी जाएगी। इस बाबत कंसलटेंट से भी बात हो गई है। शासन ने अपने स्तर पर एक दिन बैठक के लिए कम किया है। ऐसे में वोटिंग को रोका नहीं जाएगा।