स्मार्ट सिटी की राह में एक बड़ा कदम उठाया गया है। वेस्ट टू एनर्जी परियोजना के तहत नगर निगम ने ग्रीन एनर्जी प्रा. लि. से 25 साल का करार किया है। अब यह कंपनी डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन कर गांवड़ी में इससे बिजली पैदा करेगी।
नगरायुक्त देवेंद्र कुशवाहा के मुताबिक गांवड़ी में कूडा निस्तारण प्लांट के लिए काफी समय से कवायद चल रही है। अब इस कंपनी के साथ 25 साल का करार कर लिया है। यहां कूड़े से 12 मेगावाट विद्युत उत्पादन क्षमता के प्लांट की स्थापना बीओटी के आधार पर करेगी और 25 साल तक संचालन करेगी। इसके लिए गांवड़ी में आठ एकड़ भूमि उपलब्ध कराई जाएगी। एक रुपया प्रति वर्ग मीटर की दर से लाइसेंस फीस वसूली जाएगी।
18 माह में लगाना होगा प्लांट
इस कंपनी को 18 माह के भीतर प्लांट को पूर्ण रूप से विकसित करना होगा। 25 साल बाद प्लांट को नगर निगम को हैंड ओवर करना होगा। इस अवधि तक इसका रखरखाव भी कंपनी ही करेगी। बिजली उत्पादन का क्या इस्तेमाल होगा इसके लिए कई विकल्प पर काम हो रहा है। मसलन घरेलू एवं कमर्शियल दोनाें कार्यों में इसका उपयोग हो सकता है।
वकीलों से की अपील
महापौर हरिकांत अहलूवालिय ने कचहरी परिसर में अधिवक्ताओं और बार के पदाधिकारियों से भेंट की। अनुरोध किया कि सभी अधिवक्ता मेरठ को स्मार्ट सिटी बनाने में अपना और परिवारों का पूरा सहयोग प्रदान करें। बार काउंसिल ने भी महापौर को इस मुहिम में अपनी हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया। गजेंद्र सिंह धामा, अनिल बख्शी, केके पाहवा, नरोत्तम, नितिन, सरदार अमरजीत, राजीव वत्स, नेहा, मनप्रीत कौर, रेनूका सिंघल आदि साथ रहे। इसके अलावा शहर दालमंडी में संजीव रस्तोगी, बीना अग्रवाल, आशीष ऐरन, अमित कुमार अग्रवाल, श्रीकिशन से स्थानीय व्यापारियों ने शिविर लगाकर वोट कराया।