जानीखुर्द। कस्बा सिवालखास में बंदरों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। रविवार को बंदरों के हमले से बचने की कोशिश में 18 वर्षीय युवती छत से नीचे गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना के बाद से नगरवासियों में वन विभाग और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ भारी रोष व्याप्त है।
सिवालखास निवासी शाहिद की 18 वर्षीय पुत्री मंतशा रविवार को अपने घर की छत पर धूप में सूखे हुए कपड़े लेने गई थी। इसी दौरान बंदरों के झुंड ने अचानक उस पर हमला बोल दिया। बंदरों को अपनी ओर आते देख मंतशा बुरी तरह घबरा गई और खुद को बचाने के प्रयास में वह अनियंत्रित होकर छत से जमीन पर आ गिरी। ऊंचाई से गिरने के कारण मंतशा को गंभीर चोटें आई हैं। चीख-पुकार सुनकर परिजन और आसपास के लोग मौके पर दौड़े और आनन-फानन में घायल युवती को पास के अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी हालत चिंताजनक बनी हुई है।
कस्बे के लोगों का कहना है कि सिवालखास में बंदरों का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि अब लोग अपने घरों की छतों पर जाने से भी डरने लगे हैं। स्थानीय निवासियों ने बताया कि पूर्व में भी बंदर कई लोगों को घायल कर चुके हैं, लेकिन बार-बार शिकायत के बावजूद प्रशासन द्वारा बंदरों को पकड़वाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
नगर पंचायत सिवालखास अध्यक्ष फुरकाना का कहना है कि बंदर पकड़ने के लिए वन विभाग से बात की जाएगी।