सरधना रोड स्थित डिफेंस एन्क्लेव निवासी आशीष कुमार ने बुधवार को थाने पर प्राथमिकी दर्ज कराते हुए बताया कि उसके पिता बालेंद्र कुमार आर्मी से रिटायर्ड हैं और वर्तमान में विद्युत विभाग में एसएसओ हैं।
आशीष ने लंदन से एमबीए की पढ़ाई की है। मई 2025 में वह नोएडा की कंपनी में नौकरी कर रहा था। काम करने के दौरान आशीष की मुलाकात उत्तराखंड निवासी केशव से हुई थी। केशव ने थाईलैंड की एक कंपनी में नौकरी लगवाने की बात कही थी।
20 मई को आरोपी ने टेलीग्राम पर ऑनलाइन इंटरव्यू कराया। एक जून को आशीष फ्लाइट से बैंकाक पहुंच गया। एयरपोर्ट पर उतरने के बाद टैक्सी चालक आशीष को समुद्र किनारे पहुंचा। यहां से आशीष को नाव की मदद से म्यांमार की एक कंपनी पर ले जाया गया। यहां आशीष की मुलाकात असद से कराई गई।
आरोप है कि आरोपियों ने उसका पासपोर्ट और अन्य सामान अपने कब्जे में ले लिया। आशीष ने आरोपियों की हरकतों का विरोध किया तो असद ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर उसे कंपनी के अंदर बंधक बना लिया। आरोपी पीड़ित को समय पर खाना भी नहीं देते थे। आशीष से एक हफ्ते तक बात नहीं होने पर परिजनों ने भारतीय दूतावास में संपर्क किया था।
भारतीय दूतावास ने म्यांमार सरकार से आशीष के संबंध में वार्तालाप किया। म्यांमार आर्मी की कार्रवाई के बाद पीड़ित ने आपबीती सुनाई। इसके बाद आशीष को भारत भेजा गया।
एसएसपी डॉ. विपिन ताडा का कहना है कि प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। मामले की गंभीरता से जांच की जा रही। नोएडा, मुंबई पुलिस व म्यांमार दूतावास से सपंर्क किया जाएगा। आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।