मेरठ। पुलिस और दमकलकर्मी जब इस्लामाबाद स्थित कपड़ा कारोबारी इकबाल के मकान पर पहुंचे तो वहां भीड़ लगी थी। टीम दूसरी मंजिल पर दीवार तोड़कर पहुंची तो वहां पर पड़ोसी वसीम मिला। सीएफओ सुरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि जिन लोगोें की हादसे में जान गई वह एक ही कमरे में थे। धुएं के कारण परिवार के लोग कमरे में ही बेहोश हो गए और चंद मिनटों में महिला और पांच बच्चे की दम घुटने और झुलसने से जान चली गई।
सीएफओ ने बताया कि आग लगने की सूचना पर तुरंत वह और उनकी टीम मौके पर पहुंच गई थी। गली काफी छोटी थी। इसलिए दमकल वाहन मौके पर नहीं पहुंच सके। दमकलकर्मी भी मकान के नीचे आग लगने के कारण दाखिल नहीं हो सके। इसके चलते वह पड़ोसी के घर की छत पर पहुंचे। दमकलकर्मियों ने पड़ोसी की दीवार तोड़ी और इकबाल के मकान की दूसरी मंजिल पर पहुंच गए। वहां एक ही कमरे में पड़े रुखसार और पांचों बच्चों को बाहर निकाला। इसके बाद उन्हें राजधानी अस्पताल ले जाया गया। दमकल वाहनों को बाहर बड़ी गली में खड़ा करने के बाद छोटे वाहन और पाइप को कपड़ा कारोबारी के घर तक ले जाया गया। इसके बाद आग पर काबू पाया गया।
जुड़वां बेटियों से लिपटी थी रुखसार
रुखसार ने छह माह पहले दो जुड़वां बेटियों को नबिया और इनायत को जन्म दिया था। वह दूसरी मंजिल के कमरे में बेटियों से लिपटी हुई थी। उसकी बेटा भी अकदस भी उसके पास ही था। वसीम सबसे पहले वहां पहुंचा और सिहर गया। इसके बाद दमकलकर्मी और पुलिस वहां पहुंचे और उन्हें निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। यहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
जाम के कारण मुश्किल से पहुंचे दमकल वाहन
दमकलकर्मियों जाम के कारण घटनास्थल पर पहुंचने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। एक-एक कर चार वाहन मौके पर पहुंचे। लेकिन कई बार उन्हें रास्ते में जाम से जूझना पड़ा। इसके चलते उन्हें घटनास्थल पर पहुंचने में थोड़ी देरी भी हुई।
आधे घंटे में महिला-बच्चों को निकाला, एक घंटे में बुझा दी आग
दमकलकर्मियों ने मौके पर पहुंचने के बाद तत्परता दिखाते हुए मात्र आधे घंटे में दीवार तोड़कर महिला और पांचों बच्चों को बाहर निकाल दिया। इसके बाद उन्होंने एक घंटे में आग पर काबू पा लिया। हालांकि सीएफओ का कहना है कि हर मंजिल पर कपड़ों का अंबार लगा था। इसके चलते कपड़ों को ढूंढ ढूंढकर आग बुझाई और फिर उन्हें मकान से
जिसने देखा दौड़ा चला गया, घर और अस्पताल के बाहर उजड़ा हुजूम
परिवार के छह लोगों की मौत की सूचना जिसको भी मिली वह पहले कपड़ा कारोबारी के घर और फिर अस्पताल की ओर दौड़ा गया। इससे उनके घर और अस्पताल के बाहर लोगों की भीड़ जमा हो गई और जाम के हालात बन गए।