संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। मखदूमपुर गंगा घाट मंगलवार को श्रद्धालुओं की भक्ति और आस्था में पूरी तरह डूबा नजर आया। भक्ति, मोक्ष और पुण्य के तट पर लाखों श्रद्धालुओं के सैलाब से घाटों का कोना-कोना भक्ति के सागर में डूब गया। मवाना और हस्तिनापुर के रास्तों पर मेला स्थल तक हर तरफ श्रद्धालुओं से भरे वाहन नजर आए। अनुमान है कि करीब चार लाख श्रद्धालु मेले में पहुंच गए हैं।
गंगा स्नान के लिए घाट पर जाने वाले श्रद्धालुओं के हाथों में गंगा जल भरने के लिए केन के साथ हाथों में मां गंगा की पूजा के लिए फूल और कपड़ों की गठरी सिर पर रखी नजर आई। श्रद्धालु हर-हर गंगे बोलते जा रहे हैं। मेले में रंगत बढ़ती जा रही है और लोग रंगबिरंगे तंबुओं में ठहरकर गंगा मैया के भजन कीर्तन में मग्न हो रहे हैं। इस समय आस्था की पराकाष्ठा मखदूमपुर गंगा घाट पर स्पष्ट रूप से नजर आ रही है। पांच दिन पूर्व शांत पड़ा गंगा का किनारा इस समय किसी बड़ी राजधानी की तरह जगमगा रहा है। कल-कल बहती पतित पावनी मां गंगा के किनारे पर तंबुओं की विशाल नगरी बसी हुई है।
हर कोई अपनी धुन में मस्त
गंगा किनारे आने वाले लाखों श्रद्धालु अपने सभी गृह कार्यों को भूलकर सिर्फ गंगा मां को याद कर रहे हैं। गंगा किनारे युवा अपने बचपन की यादों को ताजा कर रेत की दीवार बना रहे हैं रेत से मंदिर बना रहे हैं। गंगा किनारे पर ऐसा लग रहा है मानो यह युवा मां की गोद में खेल रहे हों।
दीपदान करते श्रद्धालु स्रोत संवाद
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