बागपत जनपद के जिला अस्पताल में तैनात स्टाफ नर्स की शुक्रवार की सुबह तबीयत बिगड़ गई। अस्पताल ले जाते वक्त उनकी मौत हो गई। एक दिन पहले तक नर्स इमरजेंसी ड्यूटी पर थी। पुलिस ने मौत का कारण जानने के लिए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। उधर, नर्स की मौत से स्वास्थ्य विभाग और परिजनों में गम का माहौल है।
गांव ग्वालीखेड़ा की मीनाक्षी मोघा जिला अस्पताल में स्टाफ नर्स के पद पर तैनात थी। तीन साल से वह पति प्रमोद कुमार मोघा, बेटे रोमित (12), बेटी आरोही मोघा (4) के साथ जिला अस्पताल स्थित आवास में रह रही थी। बृहस्पतिवार को उसने कोरोना संक्रमण से लोगों को बचाने के लिए चल रही इमरजेंसी ड्यूटी भी दी थी।
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सीएमएस डॉ. बीएलएस कुशवाहा ने बताया कि मीनाक्षी शुगर से पीड़ित थी। शुक्रवार सुबह उनकी अचानक तबीयत खराब हो गई। परिजन इलाज के लिए लेकर चले, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। नर्स के परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह समझा कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
वहीं नर्स के आकस्मिक निधन पर जिला अस्पताल में तैनात स्टाफ नर्स, फार्मेसिस्ट, एएनएम व आशाओं ने दो मिनट का मौन धारण कर दिवंगत की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। शोक सभा में ताहिर बेग, शिल्पा, मंजू, मोनिका, रेणू, नीलम, नेहा सहित अन्य स्टॉफ मौजूद रहा।
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