शामली जनपद में गांव डांगरौल निवासी शिक्षामित्र की चंडीगढ़ पीजीआई में मृत्यु हो गई है। जांच में स्पष्ट नहीं हो सका कि वह कोरोना संक्रमित था या नहीं, लेकिन एहतियातन गांव में उसके परिवार के 14 सदस्यों को क्वारंटीन वार्ड में भर्ती कर नमूने जांच के लिए भेज दिए हैं।
शिक्षामित्र सुरेश पुत्र सुंदर (40) गांव के प्राथमिक विद्यालय नंबर दो में पढ़ाते थे। परिजनों के अनुसार करीब आठ दिन पूर्व सुरेश को बुखार हुआ तो गांव के निजी चिकित्सक को दिखाया। फिर शामली के निजी चिकित्सक और फिर मेरठ मेडिकल के बाद करनाल में निजी डॉक्टर से उपचार कराया। हालत में सुधार न होने पर पीजीआई चंडीगढ़ में भर्ती कराया, जहां उनकी मौत हो गई। चिकित्सकों ने परिजनों को शिक्षामित्र का शव नहीं दिया और वहीं अंतिम संस्कार करा दिया। वहां गए तीन सदस्यों को भी क्वारंटीन कर लिया गया है। शुक्रवार सुबह स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में पहुंची और परिवार के सदस्यों की जांच की। नमूने लेकर क्वारंटीन वार्ड में भर्ती करा दिया।
निजी चिकित्सक क्वारंटीन, नर्सिंगहोम बंद
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शिक्षामित्र का उपचार करने वाले शहर के निजी चिकित्सक के नर्सिंग होम पर जाकर भी जानकारी ली। सीएमओ संजय भटनागर ने बताया कि चिकित्सक का नमूना लेकर उन्हें होम क्वारंटीन कर दिया है। नर्सिंग होम, ओपीडी फिलहाल बंद रखने को कहा है। चिकित्सक ने भी अपने नर्सिंग होम के गेट पर अगली सूचना तक बंद रहने की सूचना चस्पा कर दी है।
चंडीगढ़ पीजीआई में उपचार के दौरान युवक की मौत हुई है, लेकिन उसकी कोरोना पॉजिटिव जांच में ये साफ नहीं हो सका कि कोराना था या नहीं, एहतियातन उसके परिजनों को क्वारंटीन करके उनके नमूने जांच को भेज दिए हैं। - जसजीत कौर, डीएम
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