बीएसएफ के रिटायर जवान संजय का फाइल फोटो।
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हस्तिनापुर। कस्बे की भीमनगर कॉलोनी निवासी बीएसएफ के जवान की संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने से मौत हो गई। पुलिस को उसका लाइसेंसी पिस्टल शव के पास ही पड़ा मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
संजय (44) पुत्र टेकचंद परिवार के साथ भीमनगर कॉलोनी में रहता था। संजय आठ माह पहले बीएसएफ से वीरआरएस लेकर घर आया था। कुछ समय पहले उसने लाइसेंसी पिस्टल लिया था। शनिवार रात परिवार के सभी लोग सोए हुए थे। रात करीब 3:30 बजे संजय के कमरे से गोली चलने की आवाज आई। परिजनों ने कमरे में जाकर देखा तो संजय के सीने में गोली लगी थी। वह लहूलुहान पड़ा था, पिस्टल भी पास में पड़ी हुई थी। परिजनों के शोर मचाने पर आसपास के लोगाें जमा हो गए। परिजन अन्य लोगों की मदद से गंभीर रूप से घायल संजय को लेकर डॉक्टर के यहां पहुंचे, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। संजय की मौत से परिजनों का रो रोकर बुराहाल था। जानकारी पर थाना पुलिस रात को ही मौके पर पहुंची। पुलिस ने जानकारी लेने के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। परिजनों ने बताया कि संजय वीरआरएस लेने से पहले एनएसजी कमांडो था। संजय के परिवार में पत्नी एक बेटी और एक बेटा है। थाना प्रभारी धर्मेंद्र सिंह का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का लग रहा है। शव के पास ही उसकी लाइसेंसी पिस्टल मिली है। मामले की जांच की जा रही है।