इसके बाद सोमप्रकाश स्टेडियम गेट से बाहर आए, तो तभी एक उपनिरीक्षक और सिपाही वहां आ गए। सिपाही की बाइक पर घायल यश को बैठाकर अस्पताल पहुंचाया गया। घायल यश को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाने के मददगार बने शहर के दुर्गापुरी कॉलोनी निवासी सोमप्रकाश की स्टेडियम के लोगों ने सराहना की। प्रभारी क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी प्रेम कुमार, कोच लाल धर्मेंद्र प्रताप सहित अन्य लोगों ने भी जिला अस्पताल पहुंचकर घायल एथलीट यश का हाल जाना। सोमप्रकाश ने बताया कि युवक का बैग भी गेट के बाहर पड़ा रह गया था, हमलावरों के जाने के बाद वह बैग उठाकर लाए और उसमें से युवक के मोबाइल फोन के जरिये परिजनों को सूचना दी थी।
स्टेडियम पर नहीं सुरक्षा का कोई इंतजाम
डॉक्टर भीमराव आंबेडकर स्टेडियम में रोजाना सैकड़ों खिलाड़ी अभ्यास करने पहुंचते हैं। इनमें लड़कों के साथ ही लड़कियां भी शामिल रहती हैं। स्टेडियम में सुरक्षा को लेकर कोई इंतजाम नहीं है। गेट पर सुरक्षा गार्ड तक नहीं है और सीसीटीवी भी नहीं लगाया गया है। यदि स्टेडियम के गेट पर सीसीटीवी लगा होता, तो मंगलवार सुबह वारदात को अंजाम देने वालों की आसानी से पहचान हो सकती थी।
चार बजे खोला गेट, खिलाड़ी करते रहे इंतजार
मंगलवार सुबह स्टेडियम के गेट पर गोली मारने की वारदात होने के बाद अधिकारियों ने स्टेडियम में अभ्यास करने आने वालों के लिए सख्ती शुरू कर दी। रोजाना तो स्टेडियम का गेट तीन बजे से ही खोल दिया जाता था, लेकिन मंगलवार को अपराह्न चार बजे खोला गया। इस कारण तीन बजे से स्टेडियम में अभ्यास करने पहुंचे युवा गेट के बाहर ही खड़े इंतजार करते रहे।