कंकरखेड़ा के शिव चौक फ्लाईओवर पर नगर निगम के अस्थायी कर्मचारी अमित कुमार (35) स्ट्रीट लाइट ठीक करते समय 440 वाट के करंट की चपेट में आ गए। करंट का झटका इतना तेज था कि अमित लगभग 20 फीट की ऊंचाई से सीधे सड़क पर गिर पड़े। गंभीर हालत में उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी पर परिजन मौके पर पहुंचे और बिजली विभाग व निगम पर लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा कर दिया।
खड़ौली निवासी अमित पिछले 10 साल से शोभापुर में किराए पर रह रहे थे। घटना के बाद से उनकी पत्नी आरती और चार छोटे बच्चों (बेटी प्रियांशी उर्फ परी, वसु, गौरी व बेटा कृष्ण) का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों ने नगर निगम और बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल में जोरदार हंगामा किया। परिजनों ने 50 लाख मुआवजा, बच्चों के लिए निशुल्क शिक्षा, मृतक की पत्नी को सरकारी नौकरी देने की माग की।
नगर निगम के मुख्य अभियंता (निर्माण) पीके सिसोदिया ने मौके पर पहुंचकर परिजनों को सांत्वना दी। उन्होंने बताया कि स्ट्रीट लाइट ठीक करने का काम एक निजी कंपनी को ठेके पर दिया गया है जिसमें अमित कार्यरत थे। स्ट्रीट लाइट ठीक करते समय कर्मचारी सेफ्टी बेल्ट लगाते हैं लेकिन जांच में सामने आया कि हादसे के वक्त अमित ने सेफ्टी बेल्ट नहीं पहनी थी। यदि सुरक्षा मानकों का पालन किया गया होता तो करंट लगने के बावजूद वे ऊंचाई से नीचे नहीं गिरते और उनकी जान बच सकती थी।
एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि परिजनों की तहरीर मिल गई है और मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। वहीं निगम अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि पीड़ित परिवार की हर संभव आर्थिक मदद कराई जाएगी। परिजनों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं वे पोस्टमार्टम नहीं होने देंगे। फिलहाल पुलिस स्थिति को संभालने और परिजनों को समझाने में जुटी है।