- तेज धूप भी नहीं रोक सकी आस्था, कांवड़ मार्ग पर दिनभर गूंजते रहे बोल बम
संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना (मेरठ)। श्रावण मास के पहले सोमवार को चौधरी चरण सिंह कांवड़ मार्ग गंगनहर पटरी पर शिवभक्तों की आस्था पूरे चरम पर दिखाई दी। हरिद्वार, ऋषिकेश, गंगोत्री, यमुनोत्री और गोमुख से गंगाजल लेकर राजस्थान और हरियाणा की ओर जाने वाले हजारों कांवड़िये बोल बम और हर-हर महादेव के जयघोष के बीच अपने गंतव्य की ओर बढ़ते रहे। तेज धूप भी शिवभक्तों के उत्साह को कम नहीं कर सकी। मार्ग पर जगह-जगह स्थापित सेवा शिविरों में श्रद्धालुओं के लिए भोजन, जलपान, विश्राम और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था की गई है।
श्रावण मास शुरू होने के साथ ही चौधरी चरण सिंह कांवड़ मार्ग पर श्रद्धालुओं की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी होने लगी है। सोमवार को राजस्थान के विभिन्न जिलों के कांवड़ियों के बड़े-बड़े जत्थे गंगनहर पटरी से गुजरते रहे। शिवभक्त भजन-कीर्तन और भगवान शिव के जयकारे लगाते हुए पूरे उत्साह के साथ आगे बढ़े। प्रशासन की ओर से भी यात्रा को लेकर सुरक्षा और सुविधाओं की तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं।
उप जिलाधिकारी उदित नारायण सेंगर ने बताया कि इस बार प्रमुख गंगनहर पुलों और संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जबकि पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार व्यवस्था पर नजर बनाए हुए हैं। यात्रा के शुभारंभ के साथ ही सलावा, कपसाड़, अटेरना, मानपुरी, मेहरमती, दौराला पुल, बहादुरपुर और दबथुवा समेत विभिन्न स्थानों पर हवन-पूजन के साथ कांवड़ सेवा शिविरों का शुभारंभ किया गया। शिविरों में सेवादार श्रद्धालुओं को भोजन, पेयजल, चिकित्सा सुविधा और विश्राम की व्यवस्था उपलब्ध करा रहे हैं। ग्रामीण भी पूरे उत्साह के साथ दिन-रात शिवभक्तों की सेवा में जुटे हैं।
18 वर्षों से लगातार ला रहे कांवड़
राजस्थान के अलवर और जोधपुर से आए शिवभक्त आशुतोश्वर, हरिवंश दयाल, यज्ञनेश पाल और दिगेंद्र सिंह ने बताया कि वे पिछले 18 वर्षों से भगवान शिव की आराधना करते हुए कांवड़ ला रहे हैं। उन्होंने बताया कि केवल कोरोना महामारी के दो वर्षों में यात्रा नहीं कर सके। उनका कहना है कि कोरोना काल में गांव के अनेक लोगों की मृत्यु हुई थी। उनकी आत्मा की शांति और गांव की सुख-समृद्धि की कामना के साथ इस बार भी गंगाजल लेकर लौट रहे हैं। कई अन्य शिवभक्त भी अपनी मनोकामना पूर्ण होने पर कांवड़ यात्रा कर भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त करने पहुंचे हैं।
रोहटा क्षेत्र में भी सेवा शिविरों में बढ़ी रौनक
रोहटा। क्षेत्र से होकर गुजर रहे राजस्थान और हरियाणा के कांवड़ियों के स्वागत के लिए गंगनहर पटरी से जुड़े डूंगर, जटपुरा, पुठखास, भलसोना और भोला सहित कई गांवों में सेवा शिविर संचालित किए जा रहे हैं। इन शिविरों में श्रद्धालुओं के लिए भोजन, ठहरने, चिकित्सा और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। शिवभक्तों की सेवा में ग्रामीण चौबीसों घंटे जुटे हैं। कांवड़ यात्रा को सकुशल संपन्न कराने के लिए रोहटा थाना पुलिस, स्वास्थ्य विभाग की टीमें तथा प्रशासनिक अधिकारी भी लगातार भ्रमण कर सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं। क्षेत्राधिकारी आशुतोष कुमार का कहना है कि जैसे-जैसे श्रावण आगे बढ़ेगा, कांवड़ियों की संख्या में और इजाफा होगा। इसे देखते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पहले से ही सुनिश्चित कर दी गई हैं।