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Meerut News: जिंदा युवक को मरा बता पोस्टमार्टम के लिए भेजा, दोबारा चार घंटे चला इलाज

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मेरठ/सरधना। मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों की लापरवाही के कारण गोटका निवासी शगुन शर्मा (18) को मृत बताकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। मोर्चरी में युवक की सांस चलती हुई देखी तो डॉक्टर ने उसे फिर से आईसीयू भेजा। वहां पर चार घंटे भर्ती रखा। ईसीजी समेत सभी जांचें दोबारा की गईं। चार घंटे बाद युवक को मृत घोषित किया गया। परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाकर अधिकारियों से शिकायत करने की बात कही।
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थाना सरूरपुर क्षेत्र के गांव गोटका निवासी शगुन शर्मा (18) की बहन की शादी 17 नवंबर को है। युवक बुधवार शाम को अपने मामा चीनू के साथ बाइक से कार्ड बांटने निकला था। गंगनहर पटरी पर 6:30 बजे गांव अटेरना पुल के पास अज्ञात वाहन ने बाइक में टक्कर मार दी। मामा-भांजे सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। राहगीरों ने एंबुलेंस बुलाकर उन्हें सीएचसी में भर्ती कराया। जहां से शगुन की हालत गंभीर देखते हुए मेरठ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।



पिता मनोज शर्मा ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में शगुन का इलाज शुरू किया गया। बृहस्पतिवार दोपहर करीब डेढ़ बजे डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शव मोर्चरी भेज दिया। पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा भरने लगी। परिजनों का कहना है कि पोस्टमार्टम हाउस पर चिकित्सक ने पोस्टमार्टम से पहले युवक की गहनता से जांच की तो उसकी सांस चलती मिली। आनन-फानन में युवक को आईसीयू में भर्ती कराया गया। चार घंटे बाद युवक को दोबारा मृत घोषित कर दिया गया। बृहस्पतिवार शाम शव मोर्चरी भेज पोस्टमार्टम कराया गया। परिजनों ने आला अधिकारियों से शिकायत करने की बात कही है। शुक्रवार सुबह करीब नौ बजे युवक का ब्रजघाट पर अंतिम संस्कार किया गया।
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डॉक्टर बोले- वास्तव में युवक मृत ही था

मेडिकल कॉलेज में घायल का इलाज कर रहे डॉ. अखिल प्रकाश ने बताया कि युवक वास्तव में मृत ही था। इसके बाद ही उसे मोर्चरी भेजा गया था। वहां परिजनों को भ्रम हो गया कि धड़कन चल रही है और युवक जिंदा है। वे उसे वापस आईसीयू ले गए। वहां दोबारा गहनता से जांच की गई तो युवक को मृत ही घोषित किया गया। पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर ने मोर्चरी से शव क्यों भेजा, इसकी जानकारी नहीं है।




शादी की खुशियां मातम में बदली

शगुन शर्मा की मौत बाद घर में खुशियां का माहौल मातम में बदल गया। परिजनों ने बताया कि 17 नवंबर को उसकी बड़ी बहन मानसी की शादी मुजफ्फरनगर के गांव भदौड़ा निवासी युवक के साथ होनी है। शगुन चार भाई-बहनों में तीसरे नंबर का था। वह गांव में स्थित किसान इंटर कॉलेज में 12वीं का छात्र था। पिता मनोज शर्मा मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण करते हैं। शगुन की मौत से मां, बड़ी बहन मानसी, भाई प्रिंस, छोटी बहन प्रियांसी का बुरा हाल है।




वर्जन



थाना सरूरपुर क्षेत्र निवासी युवक मेडिकल कॉलेज में भर्ती हुआ था। मीडिया में प्रसारित हो रहा है कि वह मरने के बाद कुछ समय के लिए दोबारा जिंदा हो गया। मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. धीरज बालियान से वार्ता कर पता लगा कि वह मरीज न्यूरो सर्जरी विभाग में दाखिल था। हेड इंजरी से पीड़ित की मौत बृहस्पतिवार को हो गई थी। उसका शव मोर्चरी में रखवा दिया गया था, लेकिन परिजनों ने शंका जाहिर करते हुए बताया कि अभी उनका मरीज जिंदा है। सिर्फ उनकी तसल्ली के लिए बॉडी को मोर्चरी से निकलवाकर दोबारा ईसीजी कराई गई। जिसमें वह मृत पाया गया। - डॉ. अशोक कटारिया, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
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