नादिर अली, अतानस कोठी, लोहा मार्केट व पटेल नगर के पीछे वक्फ बोर्ड की जमीन पर है। जहां हजारों की संख्या में लोग किराये पर रहते है। वक्फ बोर्ड की प्रॉपर्टी पर अपना हक जताकर लोगों से किराया वसूला जाता है। कई जमीन की खरीद-फरोख्त भी हो गई है।
गृहकर भी दे रहे लोग
वक्फ बोर्ड की जमीन पर अपना अधिकार बताकर लोगों ने नगर निगम से सांठगांठ करने गृहकर में अपना नाम दस्तावेज में दर्ज करा लिया है। कई सालों से गृहकर भी दे रहे है। वक्फ बोर्ड में संशोधन विधेयक बिल पास होने के बाद गृहकर देने वालों की भी जांच होगी। किस आधार पर अभिलेखों में भवन स्वामी दर्ज कराए गए है। गृहकर देने वालों की भी जिला प्रशासन जानकारी जुटाएगा।
मेरठ में भी वक्फ बोर्ड की 2742 संपत्ति
जनपद में 1154 सरकारी संपत्तियां वक्फ के रूप में दर्ज हैं। शिया और सुन्नी की वक्फ की कुल 2742 संपत्तियां बताई गई हैं। कुछ समय पहले शासन की ओर से कराए गए सर्वे में मेरठ जनपद में सुन्नी वक्फ की 2661 संपत्ति और शिया वक्फ की 81 संपत्तियों की पत्रावली प्रशासन के पास उपलब्ध है। वक्फ संशोधित बिल के लोकसभा में पेश होने पर जिला प्रशासन ने तमाम वक्फ संपत्तियों का ब्योरा एकत्र करना शुरू कर दिया है।