रोहटा। बजाज शुगर मिल किनौनी की डिस्टलरी में ट्रैक्टर में लदी बैगास के नीचे दबने से 30 वर्षीय मजदूर की मौत हो गई। परिजनों में कोहराम मचा गया। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
सरूरपुर थाना क्षेत्र के कस्बा खिवाई निवासी साजिद (30) पुत्र जुल्फकार किनौनी शुगर मिल की डिस्टलरी में ठेकेदार की तरफ से बैगास पर काम करता था। शुक्रवार देर रात बुढ़ाना से ट्रैक्टर ट्रॉले में बैगास मिल में आई थी। ट्रैक्टर ट्राॅली से बैगास उतारते समय वहां पर काम कर रहा मजदूर साजिद उसके नीचे दब गया। जब तक उसे मिल के सुरक्षा कर्मियों ने बाहर निकाला तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। सूचना मिलने पर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल भेज दिया।
सूचना पाकर परिजन ग्रामीणों के साथ मिल में पहुंचे और हंगामा करते हुए मुआवजे की मांग की। मिल प्रबंधन ने उन्हें विचार-विमर्श करने के बाद आर्थिक मदद देने का भरोसा देते हुए शांत किया। इसके बाद परिजन लौट गए। शनिवार को शव का पोस्टमार्टम होने के बाद परिजनों ने खिर्वा में गमगीन माहौल में शव सुपुर्द-ए-खाक कर दिया।
मिल के यूनिट हेड केपी सिंह का कहना है कि मजदूर ठेकेदार की मार्फत मजदूरी का कार्य कर रहा था। प्रबंधन से वार्ता कर मृतक मजदूर के परिजनों की आर्थिक मदद की जाएगी। मृतक मिल में गन्ना पेराई के बाद निकलने वाली खोई को लोडर में भरने व उतारने का काम करता था।
सीओ सरधना संजय कुमार जायसवाल का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट व तहरीर आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
माता-पिता, पत्नी व पांच बच्चों को बिलखता छोड़ गया
किनौनी शुगर मिल में लोड़र से कुचलकर कस्बा खिवाई निवासी मजदूर साजिद की मौत से परिजनों पर गमों का पहाड़ टूट गया। परिजनों ने बताया कि साजिद के पिता साइकिल पर बच्चों के खिलौने बेचते हैं। साजिद की शादी 11 साल पहले हुई थी। उसके पांच बच्चों में तीन बेटी व दो बेटे हैं। सबसे बड़ी बेटी नौ साल की है। जबकि सबसे छोटा बेटा एक साल का है। गरीबी के साथ माता-पिता व पत्नी कमरजहां, बच्चे सिफा, शाकिब, सुमाइला, नजीरा व एक वर्षीय अफहान को बिलखता छोड़ गया। बच्चों को रोते हुए देख सभी की आंखें नम थी।