कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र की पॉश कॉलोनी डिफेंस एन्क्लेव में मंगलवार शाम चार बजे ताबड़तोड़ पांच गोलियों की आवाज सुनकर निवासी सहम गए। पार्क में टहल रहे लोगों में अफरा-तफरी मच गई। लोग अपने घरों से बाहर निकले तो आदित्य प्रधान और अनुष्का जोनल पार्क के पास सड़क पर लहूलुहान हालत में जमीन पड़े थे। कुछ देर में ही मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। निवासियों ने डायल-112 पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची तब तक आदित्य की मौत हो चुकी थी। अनुष्का को कैलाशी अस्पताल ले जाया गया। यहां से उसे सुभारती रेफर कर दिया गया।
एसपी सिटी ने बताया कि शिवलोक पुरी निवासी आदित्य ने वर्ष 2025 में आईटीआई की पढ़ाई की थी। उस पर छह से अधिक जानलेवा हमले समेत हथियार तस्करी की प्राथमिकी दर्ज हैं। वह कंकरखेड़ा थाने का हिस्ट्रीशीटर था। गत 16 जून को वह जमानत पर जेल से बाहर आया था। वह अनुष्का को लगभग तीन साल से जानता था। जेल से आने के बाद से वह छात्रा से बात करने का प्रयास कर रहा था। छात्रा ने उससे बात करने से मना कर दिया था।
आदित्य ने छात्रा को बुधवार शाम डिफेंस एन्क्लेव के जोनल पार्क के पास बुलाया था। छात्रा स्कूटी से और आदित्य बाइक से यहां पहुंचा था। सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा है कि दोनों के बीच किसी बात पर करीब दस मिनट तक नोकझोंक और कहासुनी हो रही है। इसी बीच आदित्य ने पिस्टल निकालकर अनुष्का को तीन गोलियां मार दीं। इसके बाद आरोपी ने खुद के सीने में दो गोलियां मारकर खुदकुशी कर ली।
पॉश कॉलोनी की सुरक्षा रामभरोसे, थाना पुलिस ने नहीं की सुनवाई
डिफेंस एन्क्लेव में कई हाईप्रोफाइल लोग रहते हैं। इसके बावजूद यहां की सुरक्षा रामभरोसे हैं। निवासी महेश ने एसपी सिटी को बताया कि पार्क के पास शाम होते ही युवकों के झुंड अलग-अलग ग्रुप में खड़े हो जाते है। इस कारण लोगों को सड़क पर निकलना भी मुश्किल हो जाता है। इसकी थाने पर शिकायत की थी लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। एसपी सिटी ने थाना प्रभारी को पुलिस गश्त बढ़ाने का निर्देश दिया।
कांवड़ यात्रा मेें कड़ी सुरक्षा के बीच दो पिस्टल लेकर कैसे पहुंच गया आरोपी
पुलिस अधिकारी कई दिन से कांवड़ यात्रा के दौरान कड़ी सुरक्षा की तैयारियों में जुटे हैं। यात्रा को लेकर वेस्ट यूपी में अलर्ट है। जगह-जगह बैरिकेड लगाए गए हैं। प्रमुख चौराहों और मार्गों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। इसके बावजूद आरोपी दो-दो अवैध पिस्टल लेकर कैसे पहुंच गया। उसे कहीं रोका क्यों नहीं किया। आरोपी की कहीं भी चेकिंग क्यों नहीं की गई। इससे पुलिस सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।