क्षेत्र के रार्धना गांव में शनिवार को खेत के पास लगे ट्रांसफार्मर में जोरदार धमाका होने से हाईटेंशन लाइन के तार टूटकर खेत की तारबंदी पर गिर गए। इसकी चपेट में आने से डीफार्मा के 22 वर्षीय छात्र अमन की मौके पर ही मौत हो गई जबकि उसका ममेरा भाई वंश गंभीर रूप से झुलस गया। वहीं एक अन्य युवक सागर को भी करंट के तेज झटके लगे। इस घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने शव को बिजलीघर पर रखकर घंटों तक हंगामा और तोड़फोड़ की। स्थिति को बिगड़ता देख पूर्व विधायक संगीत सोम, एसडीएम और सीओ भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पूर्व विधायक व प्रशासन के आश्वासन के बाद ग्रामीण शांत हुए।
रार्धना गांव निवासी ज्ञान सिंह का पुत्र अमन (22 वर्ष) शनिवार सुबह अपने छोटे भाई सागर और ममेरे भाई वंश (पुत्र दीपक) के साथ खेत पर काम करने गया था। इसी दौरान पास में स्थित ट्रांसफार्मर में अचानक धमाका हुआ और हाईटेंशन लाइन के टूटते तार सीधे खेत की लोहे की तारबंदी पर जा गिरे। करंट पूरी तारबंदी में फैल गया। जान बचाने की कोशिश में तीनों युवक इसकी चपेट में आ गए। जबकि वंश गंभीर रूप से झुलस गया। परिजनों ने दोनों को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने अमन को मृत घोषित कर दिया।
बिजलीघर पर प्रदर्शन और तोड़फोड़
हादसे की खबर फैलते ही गांव में मातम और भारी रोष फैल गया। सैकड़ों ग्रामीण शव को लेकर बिजलीघर पहुंचे और वहां प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीणों का आरोप था कि ऊर्जा निगम के अधिकारी सूचना के बावजूद मौके पर नहीं पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान आक्रोशित भीड़ ने बिजलीघर में खड़ी एक स्कूटी में तोड़फोड़ भी की। माहौल बिगड़ते देख जेई और अन्य कर्मचारी मौके से भाग खड़े हुए। सूचना मिलते ही एसडीएम उदित नारायण सेंगर, सीओ आशुतोष कुमार, एक्सईएन दुर्गेश कुमार जायसवाल और कई थानों की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची। ग्रामीणों की मांग थी कि मृतक के परिवार को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता, एक पक्का मकान और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। इस दौरान अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच कई बार तीखी नोकझोंक भी हुई क्योंकि ग्रामीण लिखित आश्वासन पर अड़े थे।
संगीत सोम का आश्वासन और कार्रवाई
देर शाम पूर्व विधायक संगीत सोम और पूर्व जिलाध्यक्ष शिवकुमार राणा मौके पर पहुंचे। पूर्व विधायक ने अधिकारियों के साथ लंबी वार्ता की और सबसे पहले लापरवाही बरतने वाले जेई को सस्पेंड करने की मांग की। अधिकारियों ने मामले की जांच के लिए कमेटी गठित करते हुए लिखित आश्वासन दिया जिसके बाद ग्रामीणों ने धरना समाप्त किया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पूर्व विधायक संगीत सोम ने अपनी ओर से भी पीड़ित परिवार को 1 लाख रुपये की व्यक्तिगत आर्थिक मदद देने की घोषणा की।
इन बिंदुओं पर बनी सहमति
पीड़ित परिवार को एक माह के भीतर करीब 6 लाख रुपये की सरकारी आर्थिक सहायता दी जाएगी।
मृतक के परिवार के लिए मकान बनवाया जाएगा।
योग्यता के अनुसार परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाएगी।