माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। लोहियानगर थाना क्षेत्र अंतर्गत बिजली बंबा बाईपास के पास 19 मार्च को मिले शव की पहचान किठौर थाना क्षेत्र के गांव राधना इनायतपुर निवासी शादाब (24) पुत्र मुवस्सिर अली के रूप में हुई है। बाइक के विवाद में दोस्त गाजियाबाद के सिहानी चुंगी कृष्णानगर निवासी यश सैनी ने सिर में ईंट मारकर उसकी हत्या की थी। मृतक के भाई सबाहत ने शव की पहचान की। इसके बाद पुलिस ने बृहस्पतिवार को हत्यारोपी यश सैनी को गिरफ्तार कर हत्याकांड का खुलासा कर दिया। पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह और सीओ कोतवाली आशुतोष कुमार ने पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता में बताया कि बिजली बंबा बाईपास पर 19 मार्च की सुबह एक युवक का शव मिला था, जिसकी ईंट से सिर और चेहरा कुचल कर हत्या की गई थी। चौकी प्रभारी दिनेश कुमार सिंह की ओर से लोहियानगर थाने पर अज्ञात आरोपियों पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। तीन दिन इंतजार के बाद पुलिस ने लावारिस में शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद दफना दिया था। तभी से पुलिस शव की पहचान के प्रयास में लगी थी।
-
भाई के फोटो से पहचान करने पर हुआ खुलासा
लोहियानगर पुलिस ने पूरे इलाके में शव के फोटो समेत पंपलेट बनवा कर चस्पा करा रखे थे। मंगलवार को हापुड़ रोड 44 पीएसी के पीछे जमनानगर में रहने वाले सबाहत ने शव के फोटो देखकर मृतक की पहचान अपने भाई शादाब के रूप में की। इसके बाद पुलिस ने गहन पूछताछ और जांच के उपरांत गाजियाबाद से यश सैनी को गिरफ्तार कर हत्याकांड का खुलासा कर दिया। पुलिस ने आरोपी के पास से मृतक का मोबाइल फोन और आधार कार्ड भी बरामद कर लिया। मृतक शादाब शादीशुदा था, उसकी पत्नी काफी समय से मायके में रह रही है। शादाब शराब पीने का आदी था। वह कई-कई दिनों तक परिजनों से संपर्क नहीं करता था, इसलिए उसकी हत्या के बाद परिजनों ने भी कोई ध्यान नहीं दिया। कई दिनों बाद जब शादब से संपर्क नहीं हुआ तो परिजनों ने यश सैनी से जानकारी ली, मगर यश सैनी ने उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया।
शराब पीने के दौरान कहासुनी होने पर की हत्या
एसपी सिटी के अनुसार यश सैनी और शादाब गाजियाबाद में छत के पंखे बनाने वाली फैक्टरी में काम करते थे। एक साल पहले शादाब ने यश सैनी की बाइक मांगकर अपने भाई सबाहत को दे दी थी। अब यश सैनी रोजाना अपनी बाइक मांग रहा था, जबकि पुराने हिसाब को लेकर सबाहत ने बाइक नहीं दे रहा था। 18 मार्च को यश सैनी और शादाब रैपिड ट्रेन नमो भारत से गाजियाबाद से परतापुर पहुंचे। इसके बाद दोनों बाइक लेने सबाहत के घर जमनानगर गए, मगर सबाहत ने बाइक देने से साफ इंकार कर दिया। एसपी सिटी ने बताया कि देर रात दोनों वापस आ रहे थे। बिजली बंबा बाईपास पर देशी ठेके से शराब ली। इसके बाद दोनों ने वहां खाली पड़े प्लाट में बैठ कर शराब पी। शादाब को ज्यादा नशा हो गया, बाइक को लेकर फिर से कहासुनी हो गई। शादाब ने यश सैनी को तमाचा मार दिया। उसने भी तमाचा मारा तो शादाब ने ईंट उठा कर यश सैनी के चेहरे पर मार दी। जिससे वह घायल हो गया, जवाब में यश सैनी ने ईंट से शादाब के चेहरे और सिर पर कई प्रहार कर उसकी हत्या कर दी। उसका मोबाइल और आधार कार्ड यश ने एक जगह गड्ढा खोद कर छिपा दिया, ताकि शादाब की पहचान न हो सके। इसके बाद वह ई रिक्शा में बैठकर सरकारी अस्पताल गया, वहां पर अपना इलाज कराया। देर रात को वह गाजियाबाद चला गया।
-