सरकारी परिवहन सेवा से नहीं जुड़ पाए खादर के एक दर्जन गांव
हस्तिनापुर। खादर क्षेत्र के दर्जनों गांव आज भी सरकारी परिवहन सेवा से नहीं जुड़ पाए हैं। यहां के लोगों को आवागमन के लिए मनमानी वसूली करने वाले निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ता है। स्कूली छात्र-छात्राओं की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।
हालात यह हैं कि हस्तिनापुर से रामराज तक लगभग 20 किलोमीटर का सफर क्षेत्र के लोगों को दो टुकड़ों में पूरा करना पड़ रहा है। इस रूट पर लगभग डेढ़ दर्जन गांव हैं। आबादी हजारों में है और यहां डग्गामार बस संचालकों ने कब्जा कर रखा है। सरकार की ओर से कई साल से रूट पर प्राइवेट और सरकारी बसों की व्यवस्था नहीं की गई है।
क्षेत्रीय गणमान्य लोगों के प्रयास से यहां पर कई बार बसों का आवागमन शुरू भी हुआ परंतु कुछ दिन बाद सुध नहीं ली गई। परिवहन व्यवस्था के अभाव में लतीफपुर, बामनोली, रठौरा कला, राठौरा खुर्द, तारापुर, कुंहेडा, फाजलपुर, मानपुर, सिरजोपुर हसापुर और फतेहपुर आदि गांवों के छात्र-छात्राएं ज्यादा किराए की वजह से पढ़ाई बीच में छोड़ देते हैं।
दवा का खर्च और किराया बराबर
इन गांवों में बीमार लोगों को पीएचसी या सीएचसी पर उपचार करवाने के लिए जाने में परेशानी होती है। कई बार तो प्राइवेट डॉक्टर की दवाई के खर्च बराबर किराया भी खर्च करना पड़ता है।
दावा दमदार, असलियत दागदार
सरकार को लिखित रूप से उचित दाम पर परिवहन सेवाएं देने का वायदा करने वाली शिक्षण संस्थाएं भी अपनी परिवहन सेवा देने के एवज में विद्यार्थियों पर मनमाना किराया थोप देती हैं।