चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि जीएसटी से उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा। जीएसटी के बारे में ऐसे भी समझा जा सकता है कि जम्मू और कश्मीर में वहां के प्रतिनिधि जीएसटी को पास करते हुए कह रहे हैं कि ‘एक देश-एक कर।’ यह संदेश सरहद के पार भी गया है, यह बड़ी बात है, बड़ी सोच है। सरकार देश हित में काम कर रही है। जीएसटी देश हित में है।
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चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह शनिवार को गढ़ रोड स्थित राजा-रानी मंडप में केंद्र और राज्य वस्तु एवं सेवा कर की तरफ से आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि पहले जीएसटी का भाजपा ने भी विरोध किया था, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे तो उन्होंने इस पर आपत्ति जताई थी। दरअसल, उस समय इसमें कई विसंगतियां थीं, जो अलग-अलग राज्य को प्रभावित कर रही थीं। अब उन विसंगतियों को दूर कर इसे लागू किया गया है। देशभर में अभियान चल रहा है, मंत्री शहर-शहर जाकर लोगों से बैठक कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि व्यापारियों का शुक्रिया अदा करता हूं कि वे सहयोग कर रहे हैं। नोटबंदी केदौरान भी यही था, अगर व्यापारी सहयोग नहीं करते, सड़क पर उतर जाते थे तो कोई नरेंद्र मोदी नोटबंदी लागू नहीं कर पाता। सांसद राजेंद्र अग्रवाल, विधायक सत्यवीर त्यागी, संयुक्त व्यापार संघ केनवीन गुप्ता, कमल ठाकुर, अरुण वशिष्ठ, पवन मित्तल, बिजेंद्र अग्रवाल, चैंबर ऑफ कॉमर्स के अनिल कुमार, सर्वेश सर्राफ, मंडप एसोसिएशन के मनोज गर्ग, विनीत अग्रवाल शारदा, करुणेश नंदन गर्ग और राजकुमार शर्मा आदि थे।
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दिक्कत तो होगी ही
जीएसटी पर सवाल पूछते व्यापारी
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पहले व्यापारी कच्चा-पक्का बिल बनाते थे, अब सब हिसाब रखना होगा, तो दिक्कत तो होगी है। शुरू में परेशानी होती है, बाद में सहूलियत हो जाएगी। जब पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने कंप्यूटर की शुरुआत कराई थी, तो भी विरोध हुआ था, लेकिन अब देखिए।
व्यापारियों ने पूछे सवाल
कार्यक्रम के दौरान जीएसटी को लेकर सवाल भी पूछे गए। केबल नेटवर्क वालों ने पूछा कि क्या वे भी जीएसटी के दायरे में आएंगे। जवाब मिला कि अगर वे दूसरे के लिए सेवा दे रहे हैं तो कर के दायरे में आएंगे। बुनकरों के लिए कहा गया कि इन्हें इनपुट टैक्स क्रेडिट मिलेगा। कोई नुकसान नहीं होगा। स्पीड पोस्ट बंद होने केसवाल पर कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं, इसे शीघ्र चालू कराया जाएगा।
जीएसटी मतलब गलती सारी तुम्हारी
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री ने एक चुटकुला भी सुनाया। एक बार एक व्यक्ति की पत्नी नाराज हो गई। एक-दो दिन तो कोई बात नहीं हुई, मगर बाद में पति ने पत्नी से पूछा की क्या हो गया है, अब तक क्यों नाराज हो। पत्नी बोली-जीएसटी है। पति बोला-जीएसटी क्या है, तो पत्नी बोली-गलती सारी तुम्हारी। इस पर सब हंसने लगे। स्वास्थ्य मंत्री हंसते हुए बोले कि व्यापारी चाहे तो सरकार को जीएसटी (गलती सारी तुम्हारी) कह सकते हैं।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने बताया कि जनता की सुविधा के लिए निजी चिकित्सकों को संविदा पर रखा जाएगा। शहर में रखे गए चिकित्सक को 50 हजार और देहात में रखे गए चिकित्सक को 65 हजार रुपये तनख्वाह दी जाएगी। इसके अलावा विशेषज्ञ चिकित्सक को एक लाख रुपये मिलेंगे। प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है, जल्द ही इसे अमली जामा पहनाया जाएगा। आईएमए भवन में हुए चिकित्सकों केसम्मान कार्यक्रम में आईएमए मेरठ शाखा के पदाधिकारियों ने मुफ्त में ओपीडी शुरू करने, ब्लड बैंक और ऑडिटोरियम केलिए करीब 12 करोड़ रुपये की मांग की, जिसे उन्होंने ठुकरा दिया। उन्होंने कहा कि फिलहाल चिकित्सक सरकार का सहयोग करें, इसकेलिए चाहें तो सरकारी अस्पतालों में काम करें। सांसद राजेंद्र अग्रवाल, विधायक सोमेंद्र तोमर, डॉ. बीपी सिंहल, डॉ. मनीषा तोमर, डॉ. तनुराज सिरोही, करुणेश नंद गर्ग, डीएम समीर वर्मा, एसएसपी मंजिल सैनी आदि मौजूद रहे। वहीं डॉ. वीएन मिश्रा, डॉ. एसवी शर्मा, डॉ. वाईपी गुलाटी, डॉ. जीएस गुप्ता को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया। इनकेअलावा डॉ. मलय शर्मा, डॉ. शांति स्वरूप, डॉ. राजीव अग्रवाल, डॉ. एसपी सोंधी, डॉ. वीरोत्तम तोमर, डॉ. भूपेंद्र चौधरी और डॉ. अजय गोयल को भी सम्मानित किया।
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