संवाद न्यूज एजेंसी
दौराला। बड़कली गांव में दो साल से कम उम्र की बच्ची नायरा की बुधवार देर रात मकान में आग लगने से जलकर मौत हो गई। बृहस्पतिवार को परिजनों ने पुलिस को सूचना दिए बिना ही बच्ची का अंतिम संस्कार कर दिया।
बड़कली गांव निवासी रजनीश मजदूरी कर अपने परिवार का भरण पोषण करता है। उसके दो बेटे करण, अर्जुन और 22 माह की बच्ची नायरा थी। रजनीश के अनुसार बुधवार देर रात वह बच्ची को सुलाकर पत्नी रानी और दोनों बेटों के साथ गांव में शादी समारोह में चला गया था। इस दौरान जलती हुई मोमबत्ती गिर गई और वहां रखे सामान ने आग पकड़ ली। धीरे- धीरे आग बढ़ गई। जिस बिस्तर पर बच्ची सो रही थी उसने भी आग पकड़ ली। इससे बच्ची की झुलसकर मौत हो गई।
देर रात परिजन घर लौटे मकान से उठती आग की लपटों को देखी। परिजनों ने आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक बच्ची की मौत हो चुकी थी। बच्ची की मौत से परिवार में मातम पसर गया। परिजनों ने पुलिस को सूचना दिए बिना ही बच्ची का अंतिम संस्कार कर दिया। ग्राम प्रधान अर्चना राणा ने बताया कि मकान में आग लगने से बच्ची की जलकर मौत हो गई है। परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है। अधिकारियों से मिलकर परिवार को हरसंभव मदद दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
सीओ दौराला प्रकाश चंद्र अग्रवाल ने बताया कि ऐसा कोई मामला संज्ञान में नहीं आया है। जांच कराई जाएगी।