वहीं एसई बागपत रामबीर सिंह ने भी सात सदस्य टीम गठित कर जांच के निर्देश दिए। पुलिस ने आरोपी लिपिक सुरेश कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेजा। फरार चार आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास में पुलिस लगी हुई है।
आरोपी लिपिक 2008 से बागपत में था तैनात
एसई रामबीर सिंह ने बताया कि आरोपी लिपिक सुरेश कुमार 13 फरवरी 2008 को बागपत में तैनात किया। रिकॉर्ड खंगालने के बाद पता चला कि लिपिक ने करोड़ों का घोटाला किया है। उसने वर्ष 2017 के अप्रैल माह में 9.41 लाख, मई में 4 लाख, जून में 10 हजार, अगस्त माह में 1.41 लाख, अक्तूबर में 14.84 लाख, नवंबर में 4.41 लाख, दिसंबर में 4.48 लाख रुपये जमा नहीं कराए। वर्ष 2018 के मार्च माह में 15 हजार रुपये, सितंबर में 1.57 लाख, अक्तूबर में 1.17 लाख, नवंबर में 8.23 लाख और दिसंबर 2018 से मार्च 2019 तक 1.44 करोड़ रुपये विभाग के खाते में जमा नहीं कराए। वर्ष 2008 तक का रिकॉर्ड खंगाला जाएगा। उसकी संपत्ति का भी पता लगाया जा रहा है।
आरोपी की आईडी चलती मिली, बंद कराई
टीम को जांच में करोड़ों के घोटाले के आरोपी लिपिक सुरेश कुमार के जेल जाने के बाद भी उसकी आईडी चलती मिली। एसई राजबीर सिंह ने आईडी बंद कराई।
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