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पुराने पैटर्न पर निगम का नया ‘खेल’

Mon, 08 Dec 2014 05:30 AM IST
Meerut
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मेरठ। घंटा घर के पास नगर निगम की करोड़ों की संपत्ति पाल होटल में फिर से ‘खेल’ शुरू हो गया है। अवैध रूप से बनाई जा रही दुकानों को बेचने की भी तैयारी शुरू हो गई है। नगर निगम के कर्मचारियों ने अवैध दुकानदारों को कब्जेदार दिखाकर उनके नाम से जुर्माने की रसीद भी काट दी है। ताकि बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पास कर इन्हें वैध घोषित किया जा सके। पिछले साल भी एक हिस्से में दुकानें बनाकर इसी तरह कब्जा दे दिया गया था। नगर निगम तो इस भ्रष्टाचार को तो दबाने में लगा ही है, साथ ही पुलिस ने भी रिपोर्ट दर्ज करने की बजाय प्रार्थना पत्र ही लौटा दिया।
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एक साल पहले भी जब दुकानें बनाई गईं थी तो नगर निगम ने काबिज लोगों के हित में बोर्ड में प्रस्ताव पास करा लिया था। अब एक हिस्से में दोबारा से दुकानों का निर्माण हो गया। इतना ही नहीं नगर निगम के कर्मचारियों ने अवैध दुकानदारों को कब्जेदार दिखाकर उनके नाम से जुर्माने की रसीद भी काट दी है। इस अवैध निर्माण का खुलासा अमर उजाला पहले ही कर चुका है। इसके बाद महापौर हरिकांत अहलूवालिया के निर्देश पर समिति चेयरमैन ऋषिपाल ने सभी सदस्यों के साथ बैठक भी की थी। साथ ही नगरायुक्त के नाम एक पत्र जारी करके पाल होटल की पत्रावली मांगी थी। महापौर ने भी नगरायुक्त को पत्र लिखकर सदस्यों को पाल होटल की पत्रावली उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। लेकिन अभी तक कोई भी पत्रावली उपलब्ध नहीं कराई गई है। इससे नगर निगम की भी कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
वर्जन
हमारे पास नगरायुक्त की तरफ से ऐसा कोई आदेश नहीं मिला है, जिसमें पाल होटल से संबंधित पत्रावली दिए जाने को कहा गया हो। समिति चेयरमैन ने जरूर पत्रावली मांगी थी। हमने फोन पर मौखिक आदेश किराया लिपिक को दिए थे। इतना ही नहीं पाल होटल का मामला उजागर होने पर हमने निगम की संपत्ति खुर्दबुर्द करने के आरोप में तीन लोगों के खिलाफ कार्रवाई के लिए देहली गेट थाने पर शिकायती पत्र भेजा था। पुलिस ने रिपोर्ट लिखने की बजाय, पत्र वापस कर दिया।
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- दिनेश यादव, उप नगरायुक्त
अगर दो चार दिन में पाल होटल की पत्रावली नहीं मिलती है तो कमिश्नर से शिकायत की जाएगी। ताकी पाल होटल में अवैध दुकानों के निर्माण कराने में सहयोग करने वाले अधिकारी और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई हो सके।
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- हरिकांत अहलूवालिया, महापौर
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