मेरठ। शहर में इतनी बड़ी वारदात हो गई और सदर थाना पुलिस वारदात को छिपाने में लगी रही। भैसाली बस अड्डे पर एक साथ आठ पशु व्यापारियों को जहर खिलाने की वारदात से पुलिस अफसर 24 घंटे बाद भी अनजान रहे। पुलिस लाइन में पुलिस अफसरों ने शहर और देहात के थानेदारों की मीटिंग ली, बावजूद इस वारदात पर कोई चर्चा नहीं हुई। इसी फेर में पुलिस ने बदमाशों को पकड़ने की भी कोशिश नहीं की।
सदर थाना पुलिस ने गुपचुप तरीके से मृत व्यापारी का शव मोर्चरी पहुंचा दिया और बीमार व्यापारियों को इलाज कराने के बाद बरेली भिजवा दिया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि कानूनी प्रक्रिया में सदर थाना पुलिस ने ‘खेल’ किया है। पुलिस ने लिखत पढ़त में पशु व्यापारी की साधारण मौत होना बताया है। कार्यवाहक एसएसपी कैप्टन एमएम बेग ने बताया सदर पुलिस ने ऐसी कोई जानकारी नहीं दी है।
टारगेट बना बस अड्डा
भैसाली और सोहराबगेट बस स्टैंड जहरखुरानी गिरोह के टारगेट बन चुके हैं। एक माह पहले ही मुजफ्फरनगर के बघरा गांव निवासी पशु व्यापारी निजाम से पांच लाख लूटे गए थे। सहारनपुर के तीन पशु व्यापारी से 12 लाख, आगरा के दो व्यापारी से आठ लाख रुपये की लूट हुई। इसके अलावा भी दर्जनों वारदात हुईं।
व्यापारी बरतें सावधानी
- व्यापारियों को बस और बस अड्डे पर अपरिचित व्यक्ति से दूरी बनाकर रखनी चाहिए।
- रात में किसी अज्ञात से वाहन में लिफ्ट न लें।
- किसी अपरिचित का दिया हुआ न खाएं।
- रास्ता भी पुलिस या किसी परिचित से पूछें।