मेरठ। दौराला शुगर मिल की करीब सवा दो लाख वर्ग मीटर सीलिंग जमीन की बंदरबांट पर शासन ने जांच बैठा दी है। अमर उजाला ने 28 अगस्त के अंक में इस खेल का खुलासा किया था। इस पर जिला पंचायत की तरफ से मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर जांच की मांग की गई थी।
दौराला शुगर मिल की जमीन सीलिंग में आ गई थी। यह मामला लंबे समय तक कोर्ट में चला। इस दौरान तहसील प्रशासन ने इस जमीन पर अनुसूचित जाति के लोगों को कुछ पट्टे काट दिए। दूसरी तरफ, कोर्ट में हार के बाद दौराला शुगर मिल प्रबंधन ने पांच माह पूर्व यह जमीन जिला प्रशासन को सौंप दी। जमीन मिलते ही सरधना तहसील प्रशासन ने पट्टों को संक्रमणधारी करने की कार्यवाही शुरू कर दी। इसके बाद भूमाफियाओं से साठगांठ कर इस जमीन को आवासीय में दर्ज कर बेचने की तैयारी थी। मामले के खुलासे के बाद संक्रमणधारी करने की प्रक्रिया रोक दी गई। वहीं, जिला पंचायत की तरफ से मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर जांच और कार्रवाई की मांग की गई। इस पर उप भूमि व्यवस्था आयुक्त भीष्म लाल वर्मा ने डीएम को आदेश दिया है कि मामले में किसी एडीएम स्तर के अधिकारी से जांच कराएं और जल्द ही रिपोर्ट के साथ स्पष्ट संस्तुति भेजें।