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वेस्ट में सात ग्रुपों में खूनी अदावत

Tue, 26 Aug 2014 05:30 AM IST
Meerut
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मेरठ। रोहटा में डॉ. सुभाष मलिक की हत्या के बाद एक बार फिर गैंगवार को लेकर टेंशन बढ़ गई है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सात ग्रुपों में खूनी अदावत चल रही है। इन गैंगों के पास शार्प शूटर होने के साथ ही कुछ गैंगों के पास एके-47 और अत्याधुनिक असलाह हैं। पुलिस ने इन गुर्गों पर नजर टेढ़ी कर दी है। आईजी जोन ने गैंगों की कमर तोड़ने के लिए एक गैंग पर एक सीओ की जिम्मेदारी तय की है। जिसका पर्यवेक्षण खुद एसएसपी करेंगे।
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वेस्ट की औद्योगिक नगरी नोएडा में वर्चस्व कायम रखने के लिए अनिल दुजाना और सुंदर भाटी गैंग के बीच गैंगवार किसी से छिपी नहीं है। दुजाना गैंग के पास एके-47 तक होनी बताई गईं। खूनी अदावत में कई लोगों की जान गई। गैंगवार रोकने के लिए अनिल दुजाना को मुजफ्फरनगर जेल से पूर्वांचल की जेल शिफ्ट किया जा चुका है। मेरठ में योगेश भदौड़ा और उधम सिंह के बीच खूनी अदावत 16 साल से चल रही है। शुगर मिलों की मैली के ठेके हथियाने को लेकर शुरू हुई इस अदावत में करीब एक दर्जन लोगों की जान जा चुकी है। उधम पर योगेश के भाई प्रमोद को गोलियों से भूनने का केस लगा तो उधम पर गाजियाबाद कचहरी में जानलेवा हमले में योगेश का नाम जुड़ा।
दोनों ही एक साथ मेरठ जेल में पहुंचे तो फिर गैंगवार छिड़ने के अंदेशे से उधम को बिजनौर जेल शिफ्ट कर दिया गया। अब सुभाष हत्याकांड के बाद योगेश भदौड़ा को भी पूर्वांचल की जेल में शिफ्ट करने की कवायद तेज हो गई है। चीनू पंडित और सुनील राठी गैंग के बीच छिड़ी अदावत की आग रुड़की से मुजफ्फरनगर और मेरठ तक पहुंच रही है। विश्वास और धीरज, दीवान और ढाका गैंग के अलावा योगेश और अनुज गैंग के बीच भी गैंगवार चलती रही है।
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एक-दूसरे गैंग मेंबर और उनके समर्थकों का खून बहाने के अलावा कई गैंग ऐसे भी हैं जो पुलिस के लिए सिरदर्द बने हैं। इनमें सहारनपुर का मुकीम काला गैंग, अमित सद्दाम और बागपत का राहुल खट्टा गैंग मुख्य हैं। ये गैंग सीधे पुलिस पर ही हमला कर असलाह छीनने और हत्या करने से भी पीछे नहीं हटते।
कोट
डॉ. सुभाष मलिक की हत्या को कारणों की गहराई से जांच कराई जा रही है। योगेश भदौड़ा और उधम के बीच चल रही गैंगवार में गवाही को लेकर भी हत्या का एक कारण बताया जा रहा है। जोन में जितने लिस्टिड गैंग हैं। उनकी कमर तोड़ने के लिए डिप्टी एसपी स्तर के अधिकारी की जवाबदेही तय की जा रही है। एक-एक गैंग एक-एक सीओ को अलॉट किया जा रहा है। मुकीम काला गैंग के लिए 10 पुलिसकर्मियों की अलग से टीम बनाई गई है। जो फुल टाइम इस गैंग को वाच करेगी। पश्चिम की जेलों में बंद जरायम के बड़े चेहरों को पूर्वांचल की जेलों में शिफ्ट कराया जा रहा है।
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आलोक शर्मा, आईजी जोन
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