मेरठ। कबाड़ी बाजार स्थित रेड लाइट एरिया में छापे से पहले ही सूचना लीक हो गई। किशोरी की बरामदगी के लिए करीब एक घंटे की तैयारी के बाद जब कोठे पर दबिश दी गई तो वहां कुछ नहीं मिला। दिल्ली से पहुंची एनजीओ की पदाधिकारियों ने पुलिस पर सूचना लीक करने का आरोप लगाया।
दिल्ली स्थित स्टॉप ट्रैफिकिंग एंड ऑपरेशन्स ऑफ चिल्ड्रन एंड वूमैन नाम की एनजीओ के सदस्य शुक्रवार को पुलिस अफसरों से मिले थे। बताया था कि कबाड़ी बाजार स्थित एक कोठे पर नाबालिग लड़की को अपहरण कर बंधक बनाकर रखा गया है। इसके बाद दोपहर करीब एक बजे से रेड लाइट एरिया में छापा डालने की कवायद शुरू की गई।
एसएसपी के निर्देश पर सीओ ट्रैफिक स्वर्णजीत कौर, एएचटीयू की प्रभारी रीता शुक्ला, इंस्पेक्टर रेलवे रोड बीएम यादव, इंस्पेक्टर देहली गेट दीपक त्यागी, एसओ महिला थाना अलका सिंह आदि मेट्रो प्लाजा पहुंचे थे। दोपहर एक बजे से शाम छह बजे तक मेट्रो प्लाजा में ऑपरेशन रेस्क्यू की तैयारी चलती रही। साढ़े छह बजे टीम जब ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र में कबाड़ी बाजार स्थित कोठे पर पहुंची तो वहां कुछ नहीं मिला। इस पर स्टॉप एनजीओ की फाउंडर अध्यक्ष रोमा देवव्रत ने आरोप लगाया कि यह सब पुलिस की वजह से हुआ। पुलिस ने पहले ही सूचना लीक कर दी और तैयारी के नाम पर जान बूझकर समय गंवाती रही।
गौरतलब है कि इससे पूर्व भी दिल्ली की एनजीओ ने पुलिस के साथ रेड लाइट एरिया में छापा मारा था। उस समय भी सूचना लीक करने के आरोप लगे थे।
जाम भी लगा
कई थानों की पुलिस फोर्स जब मेट्रो प्लाजा पहुंची तो लोगों में हड़कंप मच गया। मेट्रो प्लाजा के बाहर भी काफी भीड़ जमा हो गई। इस कारण वहां घंटों तक जाम की स्थिति रही।