मेरठ। बीएड काउंसिलिंग में अभ्यर्थियों की घट रही संख्या बता रही है कि अब बीएड का क्रेज नहीं रहा। एंट्रेंस में अच्छी रैंक लाने वाले बीएड को बाय-बाय कह रहे हैं। एलॉट अभ्यर्थियों में आधे से भी कम काउंसिलिंग में पहुंच रहे हैं। जिस कारण फिर से सीट खाली रहने का संकट गहराने लगा है।
बीएड सत्र 2014-15 के लिए मेरठ में तीन सेंटरों पर काउंसिलिंग चल रही है। जैसे-जैसे रैंक बढ़ रही है, काउंसिलिंग के लिए पहुंचने वाले अभ्यर्थियों की संख्या कम हो रही है। एलॉट अभ्यर्थियों में आधे से भी कम काउंसिलिंग कराने पहुंचे रहे हैं। इससे प्राइवेट कॉलेज वालों की बेचैनी बढ़ गई है। सीट भरने को लेकर वे परेशान हैं। बृहस्पतिवार को मेरठ, सहारनपुर, नोएडा और गाजियाबाद जिले के 2026 अभ्यर्थियों की काउंसिलिंग होनी थी, लेकिन पहुंचे 893 अभ्यर्थी। सर छोटूराम इंस्टीट्यूट में 324, राधा गोविंद में 313 और बीआईटी में 256 ने डॉक्यूमेंट्स वेरिफाई कराए। सर छोटूराम इंस्टीट्यूट में फ्रीडम फाइटर कोटे को लेकर एक अभ्यर्थी ने हंगामा किया। उसका कहना था कि वह कोटे की हकदार है, लेकिन सेंटर मानने को तैयार नहीं है। अभ्यर्थी काउंसिलिंग में एक दिन लेट पहुंची थी।
r सेल्फ फाइनेंस कॉलेज परेशान
सीसीएसयू के सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों में बीएड की करीब 40 हजार सीट हैं। पिछले साल 20 हजार से अधिक सीट खाली रह गई थी। इस बार भी हजारों सीट खाली रहने का अनुमान है।