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विवि से फाइल गायब, इंचार्ज पर रिपोर्ट

Tue, 29 Apr 2014 05:30 AM IST
Meerut
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मेरठ। सीसीएसयू से छोटे मोटे कागज गायब होना आम बात है। लेकिन एक अहम फाइल के गायब हो जाने की खबर इलाहाबाद से मेरठ तक गूंज रही है। अधिकारियों की जान फंसी थी आनन-फानन में रविवार को इंचार्ज के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई। जांच के लिए कमेटी भी गठित हो गई है।
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फाइल 2006 में हुए मूल्यांकन घोटाले से जुड़ी है। 23 अगस्त 2006 को कार्य परिषद की बैठक हुई थी। इसमें परिषद ने डॉ. एपी गर्ग के खिलाफ जांच बैठाई थी। जांच इस बात की होनी थी कि आगरा के केंद्र पर जो मूल्यांकन घोटाला हुआ, उसे केंद्र बनाने की इजाजत डॉ. गर्ग ने दी थी। रिकॉर्ड में नौ सितंबर 2006 को उक्त प्रोसेडिंग कंफर्म भी की गई। डॉ. एपी गर्ग ने आरटीआई में जानकारी मांगी तो उन्हें प्रोसेडिंग नहीं होने की बात बताई गई। मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट में चल रहा है। डॉ. गर्ग ने कोर्ट से रिकॉर्ड तलब करने की गुजारिश की थी। 27 जनवरी 2014 को असिस्टेंट रजिस्ट्रार अरुण कुमार यादव ने कोर्ट में संयुक्त शपथपत्र दाखिल किया कि नौ सितंबर की बैठक में पिछली बैठक की प्रोसेडिंग कंफर्म हुई है। रविवार को मेडिकल थाने में डिप्टी रजिस्ट्रार डॉ. हरीशचंद्र की तरफ से कमेटी सेल इंचार्ज अरविंद कुमार वर्मा के खिलाफ आईपीसी की धारा 406 यानी अमानत में खयानत की रिपोर्ट दर्ज कराई है। इसके अलावा कोर्ट में फिर शपथपत्र देकर बताया है कि फाइल गुम है और रिपोर्ट दर्ज करा दी है। डॉ. एपी गर्ग का आरोप है कि फाइल जब मौजूद थी तो अब गायब कैसे हो गई। वह पहले ही रिकार्ड गायब करने की आशंका जाहिर कर चुके थे। कुलपति ने फाइल गुम होने की जांच के लिए तीन सदस्य कमेटी गठित की है।

मान्यता, कमेटी सेल में ‘खेल’
फाइल गायब होना मान्यता विभाग और कमेटी सेल में ‘खेल’ होना का सबूत है। इतनी महत्वपूर्ण फाइल का गायब होना मानवीय भूल नहीं है। सूत्रों के मुताबिक इन विभागों में ‘मतलब’ की फाइल का ध्यान कर्मचारी से लेकर अधिकारी तक रखते हैं और कोर्ट से जुड़ी एक महत्वपूर्ण फाइल अचानक गायब हो जाती है और किसी को पता भी नहीं चलता। डॉ. एपी गर्ग का आरोप है कि यह साजिश की तहत किया गया है।
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