मेरठ। यूजीसी ने एजूकेशन को स्किल्ड बेस बनाने के लिए दो महत्वपूर्ण योजनाओं के लिए आवेदन मांगे हैं। नए सत्र में कॉलेजों में स्किल्ड बेस्ड नए कोर्स शुरू होने की उम्मीद है। बैचलर ऑफ वोकेशनल कोर्स (बीवॉक) और कम्यूनिटी कॉलेज खोलने के लिए आवेदन मांगे हैं। 12वीं पंचवर्षीय योजना में यूजीसी इसके लिए खासा फंड खर्च करने जा रही है। एक साल प्रयोग करने के बाद स्कीम का दायरा बढ़ने जा रहा है।
यूजीसी ट्रेडिशनल कोर्स के साथ बीवॉक का विकल्प भी देने जा रही है। सत्र 2013-14 से इसकी शुरुआत हो चुकी है। नए सत्र में इसका दायरा बढ़ने जा रहा है। विश्वविद्यालयों को यूजीसी ने कोर्स चलाने का अधिकार पहले ही दे दिया है। यूजीसी चेयरमैन प्रो. वेद प्रकाश की तरफ से देश के केंद्रीय विश्वविद्यालय, राज्य विश्वविद्यालय और यूजीसी फंड प्राप्त करने वाले डीम्ड विश्वविद्यालयों के कुलपति को सर्कुलर जारी कर इसकी जानकारी दी है। 15 अप्रैल तक कॉलेज और विवि से प्रस्ताव मांगा है। इसके लिए यूजीसी ने फंड की व्यवस्था की है। यूजीसी ने सत्र 2013-14 में देश में 200 सामुदायिक कॉलेज खोलने के निर्देश दिए थे। 100 कॉलेज एआईसीटीई को खोलने थे। इन कॉलेजों में रोजगारपरक कोर्स का संचालन होना है। निर्देश और उद्देश्य स्पष्ट कर दिया गया है। बीवॉक कोर्स भी इसी तरह तैयार किया गया है। अलग-अलग विशेषज्ञता को ध्यान में रख डिग्री, डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्स तैयार किए गए हैं। 12वीं करने के बाद छात्र बीए, बीएससी और बीकॉम करने की जगह इन कोर्सों को चुन सकेंगे। डिग्री तीन साल की, एडवांस डिप्लोमा दो साल, डिप्लोमा एक साल का होगा। बीवॉक की पढ़ाई रिटेल मैनेजमेंट, एनर्जी मैनेजमेंट, फूड प्रोसेसिंग, हेल्थ एंड केयर, हॉस्पिटेलिटी एंड टूरिज्म, बीपीओ, ग्रीन हाउस टेक्नोलॉजी और ज्वैलरी एंड डिजाइनिंग में होगी।
ये भी होंगे स्पेशलाइजेशन
इसके अलावा ऑटोमोबाइल्स, एंटरटेनमेंट, इंफोरमेशन टेक्नोलॉजी, टेलीकम्युनिकेशंस, मार्केटिंग, एग्रीकल्चर, कंस्ट्रक्शन, एप्लॉयड आर्ट्स और प्रिंटिंग एंड पब्लिशिंग के भी कोर्स होंगे।