मोदीपुरम/दौराला। मवी मीरा गांव में चकरोड और कब्रिस्तान को लेकर हुए सांप्रदायिक तनाव के बाद सोमवार को चकरोड की पैमाइश कर रास्ता तैयार कर दिया गया। चकरोड के बीच में जो पेड़ अवरोधक बन रहे थे, उन्हें एसडीएम ने जेसीबी मशीन चलवाकर कटवा दिया। उधर, गांव में तैनात पीएसी को हटा दिया गया, मगर पुलिस अभी तैनात है।
मवी मीरा में रविवार की रात दोनाें पक्षाें के बीच में पुलिस प्रशासन ने समझौता करा दिया था। सोमवार को एसडीएम सरधना विशाल सिंह और सीओ सदर देहात विजय प्रताप यादव गांव पहुंचे। तहसील की टीम ने दोनाें पक्षाें को लेकर चकरोड की पैमाइश कराई और रास्ता तैयार कराया। रास्ते के बीच में कई पेड़ अवरोधक बने हुए थे, जिन्हें हटाकर मार्ग तैयार किया गया। चकरोड तीन मीटर चौड़ी है। कटे हुए पेड़ाें को ग्राम समाज को सौंप दिया है। सीओ सदर देहात विजय प्रताप यादव ने बताया कि गांव में शांति है, और पीएसी को हटा दिया गया है।
साहब जमीन भले चली जाए, गांव में शांति रहे
मोदीपुरम। कब्रिस्तान के पास में गांव के ही तिलकराम का खेत है। नया रास्ता बनाने के लिए तिलकराम की जमीन में से 325 मीटर जमीन ली गई। प्रशासन ने उसकी एवज में दूसरी जगह जमीन देने का आश्वासन दिया है। तिलकराम ने कहा कि साहब जमीन मुझे मिले या ना मिले, गांव में शांति होनी चाहिए।
कुछ लोगाें ने फिर जताई आपत्ति
मोदीपुरम। मवी मीरा प्रकरण में रविवार की रात को दोनाें पक्षाें से 10-10 लोगाें के समझौते पर हस्ताक्षर कराए गए थे। रात में तो सहमति बन गई, लेकिन सोमवार को जब एसडीएम समेत तहसील की टीम मौके पर पहुंची तो मुस्लिम पक्ष के लोगाें ने समझौते पर आपत्ति जता दी। लोगाें का कहना था कि कब्रिस्तान के पास से रास्ता निकालना गलत है। काफी देर तक ऊहापोह के बाद वह पक्ष भी सहमत हो गया।
कई दिन बाद दिखाई दी गांव में चहल पहल
मोदीपुरम। दौराला थाना क्षेत्र के गांव मवी मीरा में सोमवार को कई दिन बाद चहल पहल दिखाई दी। गांव में चकरोड और कब्रिस्तान के विवाद को लेकर हुए सांप्रदायिक तनाव से गांव का माहौल ही बदल गया था। गांव में दर्जनाें घराें में ताले लगे थे, और कई परिवार पलायन कर चुके थे। सोमवार को कई दिन बाद गांव में फिर से चहल पहल दिखाई दी।