मेरठ/ किठौर। नंगली गांव में मंदिर में लाउडस्पीकर बजाने के मामला सोमवार को भी पुलिस और प्रशासनिक अफसर नहीं सुलझा सके। बैठक में समझौता न होने पर मंगलवार को दोबारा बैठक करने की घोषणा की गई। वहीं भाजपा नेता चरणसिंह लिसाड़ी ने चेतावनी दी है कि यदि मंगलवार तक निर्णय नहीं हुआ तो वो खुद मंदिर पहुंचकर लाउडस्पीकर बजाएंगे।
किठौर क्षेत्र के नंगली गांव में दस दिन से दो समुदाय के लोगों में मंदिर में लाउडस्पीकर बजाने को लेकर विवाद चल रहा है। रविवार को सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने गांव पहुंचकर ऐलान किया था कि आरती के दौरान लाउडस्पीकर बजेगा। इस पर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने आपत्ति जताकर कहा कि पुरानी व्यवस्था गांव में बरकरार रहेगी।
सोमवार को सीओ महेंद्र कुमार, एसडीएम मवाना शिवकुमार, एडीएमई और कई थाने की पुलिस फोर्स गांव में पहुंची। पुलिस ने दोनों समुदाय के लोगों की बैठक की। तीन घंटे बैठक चली, लेकिन कोई निष्कर्ष नहीं निकला। पुलिस और प्रशासनिक अफसर ग्रामीणों को 24 घंटे का समय देकर मंगलवार को दोबारा बैठक कहने की बात कहकर लौट आईं।
कैसे हुआ विवाद शुरू
कांवड़ यात्रा के दौरान ग्रामीणों ने चंदा एकत्र कर मंदिर में शिवरात्रि तक लाउडस्पीकर बजाया। शिवरात्रि के बाद मुस्लिम समुदाय के लोगों ने मंदिर में लाउडस्पीकर बंद कराया। मुस्लिम समुदाय के लोगों का कहना है कि इस मंदिर में पहले कभी लाउडस्पीकर नहीं बजा। इस मामले को लेकर दोनों समुदाय के लोगों में तनातनी है।
राजनीतिक मुद्दा न बनने दें
पुलिस और प्रशासनिक अफसरों ने ग्रामीणों से कहा कि इस मामले को राजनीतिक मुद्दा न बनाएं। कुछ राजनीतिक दल बेवजह सांप्रदायिक की भावना पैदाकर इसे राजनीतिक मोड़ देने की कोशिश में जुटे हैं। इससे ग्रामीणों को बचना चाहिए।
बजाएंगे मंदिर में लाउडस्पीकर
भाजपा नेता चरणसिंह लिसाड़ी भी कार्यकर्ताओं के साथ गांव पहुंचे। उनके पहुुंचने की सूचना पर किठौर और मुंडाली थाने की पुलिस भी पहुंच गई। लिसाड़ी ने कहा कि मंदिर में मुस्लिम समुदाय के लोग कब्जा करना चाहते हैं। आरती के दौरान मंदिरों में लाउडस्पीकर बजाने से रोकना कोर्ट की अवहेलना है। उन्होंने पुलिस प्रशासन को चेतावनी दी कि मंगलवार तक इस मामले ने निर्णय नहीं लिया गया तो वह मंदिर में खुद आकर लाउडस्पीकर बजाएंगे। भाजपा नेता जगपाल सिंह, प्रधानाचार्य डॉ. डीके पाल, राहुल ठाकुर, कुलदीप भारद्वाज और अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे।