मेरठ। बारिश से शहर और देहात की बिजली पटरी से उतर गई। कहीं लाइन के जंफर उड़े तो कहीं इंसुलेटर फटे। एहतियात के तौर पर विभाग ने 11 केवी के फीडर बंद कर दिए। 33 केवी लाइन में ब्रेकडाउन होने से शहर और देहात के आधा दर्जन से ज्यादा बिजलीघर बंद रहे। माधवपुरम बिजलीघर की भी बिजली आठ घंटे तक बाधित रही।
शनिवार देर रात 220 केवी शताब्दीनगर सब स्टेशन की हापुड़ रोड क्षेत्र के बिजलीघरों के लिए जा रही 33 केवी लाइन केे कई जगह पर जंफर उड़ गए। इसके चलते खरखौदा, काजीपुर, लोहियानगर, लोहियानगर सेक्टर तीन और विकासपुरी बिजलीघर की बिजली गुल हो गई। बारिश में फाल्ट ढूंढने में पेट्रोलिंग टीम को घंटो लग गए। इसके बाद फाल्ट ठीक करके सुबह लाइन चालू की जा सकी। रविवार सुबह करीब दस बजे 132 केवी परतापुर सब स्टेशन से माधवपुरम बिजलीघर के लिए आ रही 33 केवी लाइन के इंसुलेटर फट गए। बारिश के चलते दो से तीन घंटे का कार्य आठ घंटे में पूरा हो पाया। शाम करीब छह बजे बिजली आपूर्ति सामान्य हो सकी। इसके अलाव पल्लवपुरम फेस वन, एमईएस, सोेफीपुर फीडर पर फाल्ट होने से क्षेत्र को रातभर बिजली नहीं मिल सकी। पुराना आरटीओ, अम्हैड़ा, गंगानगर वन, गंगानगर टू, कंकरखेड़ा पर भी फाल्ट के चलते घंटो बिजली गुल रहने की सूचना मिली।
विभाग को मिली राहत
मुख्य अभियंता मेरठ जोन मोहन सिंह ने बताया कि भीषण गरमी के चलते जोन में आपूर्ति से अधिक बिजली की मांग चल रही थी। सिस्टम के ओवरलोड होने का खामियाजा लाइन टूटने, ट्रांसफार्मर फुंकने के रूप में भुगतना पड़ रहा था। किसान भी फसल सूखने से गुस्सा होेकर बिजलीघरों ओर अधिकारियों का घेराव कर रहे थे। बारिश होने से बिजली की मांग में कमी आई है। एसी और कूलर बंद होने से सिस्टम की ओवरलोडिंग भी कम हो गई है।