फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मेडिकल में ‘खेल’, पास को किया फेल

Thu, 07 Feb 2013 05:30 AM IST
Meerut
विज्ञापन
विज्ञापन
मेरठ। लाला लाजपत राय स्मारक मेडिकल कॉलेज की लापरवाही एक बार फिर सामने आई है। एमबीबीएस तृतीय वर्ष के छात्र को दो साल पहले दी गई प्रथम वर्ष की परीक्षा में फेल कर दिया गया। इतना ही नहीं तृतीय वर्ष की मुख्य परीक्षा में बैठने पर भी रोक लगा दी। कॉलेज और चौ. चरण सिंह यूनिवर्सिटी की इस लापरवाही से छात्र के सामने संकट खड़ा हो गया है। इससे गुस्साए जूनियर डॉक्टर और छात्रों ने बुधवार को प्राचार्य का घेराव कर हंगामा किया। हालांकि प्राचार्य इस पूरे मामले को विवि की गलती बताकर पल्ला झाड़ते रहे।
विज्ञापन

कानपुर के ब्लॉक झींझक के मंगलापुर ग्राम निवासी जयवीर सिंह पुत्र राम स्नेही ने 2011 में मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस में प्रवेश लिया था। प्रथम वर्ष की मुख्य परीक्षा 600 में से 311 अंक से पास की। 2012 में सेकेंड ईयर में 550 में से 314 नंबर पाकर तृतीय वर्ष में प्रवेश किया। कॉलेज और चौधरी चरण सिंह विवि द्वारा इंटरनेट पर जारी रिजल्ट में भी छात्र दोनों साल पास रहा। कुछ दिन पहले छात्र को विवि से मार्कशीट मिली। इसमें छात्र को फर्स्ट ईयर में एनाटॉमी में फेल दिखाया। गड़बड़ी ठीक कराने को छात्र ने प्राचार्य से गुहार लगाई। उसकी परेशानी हल करने की बजाय छात्र को 13 फरवरी से होने वाली मुख्य परीक्षा में बैठने से रोक दिया गया।
u तीन घंटे छात्रों के कब्जे में प्राचार्य
पीड़ित छात्र के समर्थन में अन्य छात्रों ने पहले प्राचार्य कार्यालय के बाहर हंगामा और नारेबाजी की। इसके बाद प्राचार्य का घेराव किया। काफी देर तक नोकझोंक होती रही। इस दौरान छात्रों ने कार्यालय के दोनों ओर के दरवाजे भी बंद कर दिए। बाद में पहुंची मेडिकल पुलिस ने मामला शांत कराया।
विज्ञापन

u कॉलेज और विवि के बीच झूल रहा छात्र
जयवीर 15 दिनों से कॉलेज और विवि के चक्कर काट रहा है। विवि इसे कॉलेज की गलती मानकर पल्ला झाड़ रहा है। कॉलेज प्रशासन के मुताबिक अंक तालिका और डिग्री विवि से मिलती हैं, गलती विवि की है। वहीं से ठीक होगी।
u टूटी पिता की उम्मीदें
जयवीर के पिता किसान हैं। बड़ी उम्मीदों से बेटे को मेरठ में डॉक्टर की पढ़ाई के लिए भेजा था लेकिन सिस्टम की गलती ने गरीब पिता की उम्मीदें तोड़ दी हैं।
छात्र ने मानी शर्त, प्राचार्य मुकरे
छात्रों के हंगामे पर प्राचार्य डॉ. विनय अग्रवाल ने तृतीय वर्ष की मुख्य परीक्षा देने की अनुमति छात्र को इस शर्त पर दी कि वह मुख्य परीक्षा के बाद फेल विषय की परीक्षा देगा। छात्र ने प्राचार्य क ी इस शर्त को मानना स्वीकार किया लेकिन कहा कि प्राचार्य समिति गठित कर दोषियों की जांच कराकर कार्रवाई करें। प्राचार्य ने छात्र की शर्त को मानने से इंकार कर दिया।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें