मेरठ। कमेला बंद होते ही घोसीपुर समेत आसपास के क्षेत्रों में कुत्तों ने आतंक बरपाना शुरू कर दिया है। आदमखोर कुत्ते कमेले के बाहर बने बड़े नाले से लेकर समीप के खेतों, गांवों में बच्चे, बड़ों से लेकर जानवरों तक को निशाना बना रहे हैं। शाम ढलते ही लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है।
घोसीपुर कमेले से निकलने वाले मांस को खाने के लिए हर समय कुत्तों का जमावड़ा लगा रहता है। मानक पूरे नहीं होने के चलते पिछले दिनों घोसीपुर कमेला बंद कर दिया गया था। इसी के साथ कमेले से जुड़े नाले के आसपास घूमने वाले कुत्ते भी आदमखोर हो गए हैं। कभी नाले के आसपास जमा रहने वाले यह कुत्ते अब मुंह फाड़े घूम रहे हैं। दिन के साथ ही यह रात के समय पास के गांवों और आवासीय योजनाओं में लोगों को निशाना बना रहे हैं। उधर पूरे क्षेत्र में दिनभर मंडराने वाली चीलों ने भी मुश्किलें बढ़ा दी हैं। शनिवार को लोहिया नगर निवासी नौ वर्षीय निधि पर कुत्तों ने हमला कर दिया था। बहन को बचाने आया तरुण भी कुत्तों का निशाना बन गया। लोगों ने किसी तरह दोनों बच्चों की जान बचाई। एक कुत्ते ने बकरे का कान चबा डाला। कुत्ते अब तक 20 से भी अधिक लोगों को काट चुके हैं। लोहिया नगर की सरिता और शारदा ने बताया कि घर से अकेले निकलने में डर लगने लगा है। घोसीपुर निवासी मोहम्मद नवाब सैफी और जहीरुद्दीन का कहना है कि पहले हापुड़ रोड कमेले की ओर आदमखोर कुत्तों का आतंक था। अब घोसीपुर इनका नया ठिकाना बन गया है।