खरखौदा। अगवा युवती की बरामदी को लेकर फफूंड़ा में आयोजित हिंदू महापंचायत में जनप्रतिनिधि और हिंदू संगठनों के नेता पुलिस-प्रशासन पर जमकर बरसे। पुलिस पर पक्षपातपूर्ण ढुलमुल कार्रवाई का आरोप लगाया। पंचों ने पांच सूत्रीय मांग पत्र सौंपकर आंदोलन की चेतावनी दी। पुलिस प्रशासन ने कार्रवाई के लिए चार दिन का समय मांगा है।
गांव फफूंडा से दस दिन पहले गांव पीपलीखेडा निवासी विशेष समुदाय का शादीशुदा युवक बीए द्वितीय वर्ष की युवती को अगवा करके ले गया। परिजन पीपलीखेडा में आरोपी के यहां युवती को लेने गए, तो उन्हें गोली मारने की धमकी देकर भगा दिया था। फिर परिजनों ने थाना खरखौदा पर आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई, जिसके चलते पुलिस ने आरोपी के एक भाई को गिरफ्तार कर लिया। दो दिन पहले ग्रामीणों ने डीएम और एसएसपी को महापंचायत के लिए चेताया, मगर युवती बरामद नहीं हुई। रविवार दोपहर फफूंडा स्थित पूर्व माध्यमिक जूनियर हाईस्कूल प्रांगण में हिंदू महापंचायत हुई, जिसमें जनप्रतिनिधियों सहित 50 गांव के लोग मौजूद रहे। सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने कहा कि यदि लड़की बरामद नहीं हुई तो पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों का दफ्तरों से बाहर निकलना मुश्किल कर देंगे। भाजपा विधायक रविंद्र भड़ाना ने अधिकारियों को नपुंसक बताया। ज्योत्सना शर्मा ने कहा कि यदि यह घटना किसी विशेष समुदाय की लड़की के साथ होती, तो वह समुदाय के लोग बवाल कर देते।
बजरंग दल के पश्चिम उत्तर प्रदेश संयोजक बलराज सिंह डूंगर ने कहा लविंग जेहाद है, जिस कारण ये लोग हाथाें ने कलावा बांधकर, मंदिरों में जाकर, अपना नाम हिंदू नामों पर रखकर हमारी भोली भाली लड़कियों को बहला फुसला लेते हैं। उधर, क्षेत्रीय नेता ओमपाल सिंह गुर्जर ने भी इस घटना को शर्मनाक बताया। पंचायत में पहुंचे एडीएम यूके सिंह तथा एसपी देहात आरपी पांडे को मंच पर बुलाकर पांच सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। उच्चाधिकारियों से फोन पर वार्ता में अधिकारियों ने 31 जनवरी तक का समय मांगा। इस पर पंचों ने चेताया कि यदि इस दौरान युवती बरामद नहीं हुई, तो फिर आंदोलन होगा और उसकी जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की होगी।
पंचायत की अध्यक्षता दलबीर सिंह और संचालन देशराज सिंह व रविंद्र गुर्जर ने संयुक्त रूप से किया। पंचायत में सपा नेता अतुल प्रधान, नवीन त्यागी, वीपी त्यागी, सतबीर गुर्जर, ग्राम प्रधान शारदा देवी, रोबिन लालपुर, सुधीर अग्रवाल, जगरूप प्रधान आदि मौजूद रहे।