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‘देर से लिया, लेकिन सही निर्णय’

Thu, 22 Nov 2012 12:00 PM IST
Meerut
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मेरठ। आतंकवादी अजमल कसाब की फांसी पर जनप्रतिनिधियों ने एक ही बात कही कि भले ही देर से लिया गया, लेकिन यह निर्णय सही है।
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अखिल भारतीय कौमी एकता एवं सद्भावना समिति की बैठक में कसाब की फांसी के निर्णय का स्वागत किया गया। बैठक में नायब शहर काजी जैनुरराशिद्दीन, दुखहरण शर्मा, हाजी इमरान सिद्दीकी, हाजी इरशाद, रोमी गौड़ आदि मौजूद रहे। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की बैठक में दूसरे दहशतगर्दों को भी फांसी देने की मांग की गई। बैठक में डा. आफताब अली, साजिद एडवोकेट, मासूम अली, डा. आफताब अली रहे। जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व महासचिव प्रशांत कौशिक ने कहा कि कसाब की फांसी, सरकार की आतंकवाद के विरुद्ध मानसिकता को दर्शाता है।
संयुक्त व्यापार मंडल की बैठक में भी कसाब को फांसी देने के निर्णय का स्वागत किया गया। पिंटू राणा, पंकज, गौरव शर्मा, सुधीर कांत शर्मा, जीतू नागपाल मौजूद रहे।
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प्रतिक्रिया:
सारे प्रमाण कसाब के खिलाफ थे, उसे ऑन द स्पाट पकड़ा गया। हमें आम अपराधी और आतंकवादियों में फर्क करना होगा। न्यायिक प्रक्रिया त्वरित होनी चाहिए - राजेंद्र अग्रवाल, सांसद

जो न्याय देर से मिला हो, उसे न्याय नहीं कहा जाता। फिर भी देर आए दुरुस्त आए। देशद्रोहियों के मामले में शीघ्र फैसला होना चाहिए - शाहिद मंजूर, राज्यमंत्री
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सरकार ने कसाब को अपराधी नहीं, मेहमान बनाकर रखा। जिन परिवारों के लोग मुंबई हमले में मारे गए उन्हें आज सुकून मिला है - विनीत अग्रवाल शारदा, भाजपा नेता

ऐसे मामलों में त्वरित न्याय होना चाहिए। कसाब को फांसी देकर कानून ने न्याय किया है - मुनकाद अली, राज्यसभा सदस्य

यह बहुत पहले हो जाना चाहिए था। हर साल उस पर 60 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। अब अफजल गुरू पर भी सरकार को फैसला लेना चाहिए - ठाकुर संगीत सोम, विधायक

सवाल ये है कि सजा कब हुई और फांसी कब दी गई। बहुत ही लचर व्यवस्था है -रविंद्र भड़ाना, विधायक

अब अफजल गुरू पर भी सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए - सत्यप्रकाश अग्रवाल, विधायक

कसाब को बहुत पहले ही फांसी हो जानी चाहिए थी। ऐसे मामलों में न्यायिक प्रक्रिया में तेजी लानी होगी -डा. सरोजनी अग्रवाल, एमएलसी

ऐसे लोग देश ही नहीं दुनिया के लिए खतरा हैं। सारे प्रमाण कसाब के खिलाफ थे, इसलिए उसे पहले ही फांसी दे देनी चाहिए थी - डा. लोकेश प्रजापति, एमएलसी

सरकार को अफजल गुरू को भी फांसी देने में देर नहीं करनी चाहिए - अजय गुप्ता, प्रांतीय सह संयोजक निकाय प्रकोष्ठ भाजपा

ये ऐसा गुनाह था कि फांसी की सजा भी कम है। कानून ने सही फैसला दिया- राजकुमार सांगवान, रालोद नेता

मैं मांग करता हूं कि ऐसे मामलों में दया याचिका नहीं होनी चाहिए -
अमित अग्रवाल, पूर्व विधायक

देश में कानून का राज है। कसाब को सजा मिलने में बहुत लंबा समय लगा, ऐसा नहीं होना चाहिए - राजेंद्र शर्मा, पूर्व विधायक

कसाब आतंकवादी था, निहत्थे लोगों की हत्या करने के साथ देश में दहशत फैलाने का काम उसने किया था। कानून ने जो निर्णय दिया है, वह सही है - गुलाम मोहम्मद, विधायक

कानून ने अपना काम किया है। फांसी कब हुई यह मायने नहीं रखता। क्योंकि यह कानूनी प्रक्रिया है -चौ. यशवीर सिंह, रालोद जिलाध्यक्ष

यह बहुत पहले हो जाना चाहिए था। अब सरकार को अफजल गुरू को भी फांसी देने में देर नहीं करनी चाहिए - कुंवर बासित अली, मीडिया प्रभारी, जिला भाजपा
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