मेरठ। फिजिकल एक्सरसाइज और फिटनेस उपकरण को खेलकूद श्रेणी से बाहर करने और 14 प्रतिशत टैक्स लगाए जाने से खेल सामग्री उद्योग को झटका लगा है। शनिवार को आल इंडिया स्पोर्ट्स गुड्स मैन्यूफेक्चर्स फेडरेशन के पदाधिकारियों ने दिल्ली रोड स्थित इंडस्ट्रियल एरिया में बैठक की और आगामी सोमवार को अपनी समस्या एडिशनल आयुक्त वाणिज्य कर के सामने रखने का निर्णय लिया।
स्पोर्ट्स गुड्स कॉम्पलैक्स के चेयरमैन कमल आनंद और भल्ला स्पोर्ट्स प्रा. लि. के एमडी राकेश भल्ला ने कहा कि फिजिकल एक्सरसाइज और फिटनेस उपकरण खेलकूद श्रेणी में आते हैं। अब सरकार ने इन उपकरणों को खेलकूद श्रेणी से बाहर कर दिया है। अब से पहले इन उपकरणों पर शून्य प्रतिशत वैट था, लेकिन अब उप्र सरकार ने बढ़ाकर सीधे 14 प्रतिशत कर दिया है। साथ ही गत 11 अक्तूबर से प्रभावी भी कर दिया है। इसके कारण खेलकूद उद्योग जगत को समस्या का सामना करना पड़ रहा है। इससे व्यापार भी पूरी तरह से प्रभावित हो गया है। अगर सरकार ने बढ़ा टैक्स वापस नहीं लिया तो खेलकूद उद्योग उप्र में बंद हो जाएगा। इसके कारण इस उद्योग से जुडे़ लाखों लोग बेरोजगार हो जाएंगे। बैठक में सभी ने निर्णय लिया कि आगामी 15 अक्तूबर को उद्यमियों का प्रतिनिधिमंडल एडिशनल कमिश्नर (वाणिज्य कर) से मिलेगा और अपनी समस्या से अवगत कराएगा। बैठक में पुनीत मोहन शर्मा, सुनील शर्मा, त्रिलोक आनंद, राजेंद्र जैन, संजय बत्रा, सुनील मित्तल, प्रेम सागर महाजन, जगजीत सिंह, राकेश कोहली, संजय गुप्ता आदि मुख्य रहे।